
दिल्ली में इस समय H3N2 वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे लोग चिंतित हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह वायरस खासतौर पर उन लोगों के लिए खतरनाक है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इसके प्रभाव में जल्दी आ सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है और अपनी दिनचर्या में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करना जरूरी है।
1. मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें
डॉक्टरों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना सबसे जरूरी है। यदि किसी कारण से बाहर जाना अनिवार्य हो, तो मास्क पहनना और हाथों की सफाई करना सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है। खासतौर पर मॉल, अस्पताल, मेट्रो और बाजार जैसे स्थानों पर संक्रमण का खतरा अधिक होता है। मास्क न केवल आपको संक्रमित होने से बचाता है बल्कि दूसरों में वायरस फैलने से भी रोकता है। इसके अलावा, लोगों से कम से कम 1-2 मीटर की दूरी बनाए रखें। भीड़भाड़ से बचने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग या समय बदलकर खरीदारी करना भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
2. हाथों की सफाई पर दें ध्यान
H3N2 वायरस हाथों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसलिए नियमित रूप से हाथ धोना बेहद जरूरी है। साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोएं। यदि साबुन उपलब्ध न हो, तो कम से कम 60% अल्कोहल युक्त हैंड सैनेटाइज़र का उपयोग करें। बाहर से आने पर, सार्वजनिक स्थानों को छूने के बाद और भोजन से पहले हाथों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। इसके साथ ही अपने चेहरे, आंखों, मुँह और नाक को हाथों से छूने से बचें क्योंकि यह वायरस के फैलाव का मुख्य मार्ग है।
3. स्वस्थ आहार और मजबूत इम्यूनिटी
मजबूत इम्यून सिस्टम H3N2 जैसे वायरस से लड़ने में आपकी सबसे बड़ी रक्षा है। अपने भोजन में विटामिन C और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें। उदाहरण के लिए नींबू, संतरा, कीवी, गाजर, पालक, ब्रोकली, अदरक और हल्दी वाला दूध। हरी सब्जियां, मौसमी फल और अंकुरित अनाज रोजाना खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। हाइड्रेटेड रहने से शरीर की सफाई प्रणाली बेहतर होती है और वायरस से लड़ने की ताकत बढ़ती है।
4. पर्याप्त नींद और आराम लें
अपर्याप्त नींद और अत्यधिक थकान शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है। रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद सुनिश्चित करें। नींद के दौरान शरीर खुद को रिकवर करता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता मजबूत होती है। तनाव को कम करने के लिए योग, प्राणायाम और मेडिटेशन अपनाएं। दिन में थोड़े समय के लिए हल्की एक्सरसाइज करना भी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है। तनाव से इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना बहुत जरूरी है।
5. बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा
H3N2 वायरस का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों की खान-पान, स्वच्छता और दैनिक आदतों पर विशेष ध्यान दें। उन्हें भीड़भाड़ से दूर रखें और उन्हें मास्क पहनने की आदत डालें। बच्चों के खिलौने और सतहों को नियमित रूप से सैनिटाइज करें। बुजुर्गों के लिए, घर पर सुरक्षित स्थान बनाएँ और उनके पोषण पर ध्यान दें। किसी भी लक्षण जैसे खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत को हल्के में न लें। शुरुआती लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद आवश्यक है।
6. डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से लें
यदि लगातार बुखार, तेज खांसी, गले में खराश या सांस लेने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। घर पर दवाओं का प्रयोग या देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉक्टर समय पर दवा और देखभाल करके संक्रमण को नियंत्रण में रख सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की ऐंटिवायरल दवा या वैक्सीन के बारे में विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।














