
एक्टर शारिब हाशमी और उनकी पत्नी नसरीन इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं। नसरीन एक बार फिर कैंसर से जूझ रही हैं और यह इस बीमारी की छठी बार वापसी है। लंबे इलाज, कई सर्जरी और लगातार मेडिकल केयर के बावजूद कैंसर का दोबारा लौट आना लोगों के बीच चिंता बढ़ा रहा है। इसी बीच यह सवाल फिर सामने आ रहा है कि क्या कैंसर पूरी तरह खत्म हो सकता है या यह बार-बार वापस आ सकता है।
पहली बार कब सामने आया था कैंसर?
नसरीन को पहली बार अगस्त 2018 में ओरल कैंसर (माउथ कैंसर) का पता चला था। इसके बाद उन्होंने ट्यूमर हटाने के लिए एक नहीं, बल्कि पांच बड़ी सर्जरी करवाईं। सितंबर 2024 में हुई आखिरी सर्जरी के बाद उनकी हालत में सुधार देखा गया और बीमारी को कुछ समय के लिए नियंत्रित माना गया।
लेकिन फरवरी में स्थिति फिर बदल गई और कैंसर दोबारा लौट आया। इस बार यह पहले से कहीं अधिक आक्रामक रूप में सामने आया और शरीर के कई हिस्सों तक फैल गया।
फेफड़ों, हड्डियों और अन्य अंगों तक पहुंचा कैंसर
शारिब हाशमी ने बताया कि शुरुआत में परिवार को लगा था कि नसरीन की लगातार खांसी का कारण प्रदूषण या सामान्य संक्रमण है। शुरुआती एक्स-रे रिपोर्ट भी सामान्य आई थी, जिससे किसी गंभीर समस्या का अंदेशा नहीं था।
लेकिन जब मुंह में एक असामान्य घाव दिखाई दिया, तब डॉक्टरों ने बायोप्सी और विस्तृत जांच की सलाह दी। जांच के बाद चौंकाने वाली बात सामने आई कि कैंसर अब फेफड़ों, हड्डियों और हृदय व लीवर के आसपास के क्षेत्रों तक फैल चुका है।
वर्तमान में नसरीन की कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी चल रही है, क्योंकि डॉक्टरों ने सर्जरी को अब संभव विकल्प नहीं माना है।

कैंसर कितनी बार लौट सकता है?
कैंसर से जुड़ी जानकारी देने वाली संस्था अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, जब किसी मरीज का इलाज पूरा होने के बाद कैंसर कुछ समय तक दिखाई नहीं देता और फिर दोबारा वापस आता है, तो इसे ‘कैंसर रिकरेंस’ कहा जाता है।
यह दोबारा उसी जगह भी हो सकता है जहां पहले था या शरीर के किसी अन्य हिस्से में फैल सकता है। विशेषज्ञ आमतौर पर तब इसे रिकरेंस मानते हैं जब बीमारी कम से कम एक वर्ष तक नियंत्रित रहे और फिर वापस सामने आए।
क्या अधूरे इलाज की वजह से लौटता है कैंसर?
WebMD की रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर के दोबारा लौटने की एक बड़ी वजह यह होती है कि इलाज के बाद भी शरीर में कुछ कैंसर सेल्स रह जाती हैं। ये बची हुई कोशिकाएं धीरे-धीरे फिर से बढ़ती हैं और समय के साथ ट्यूमर का रूप ले सकती हैं।
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि पहले इलाज में कोई गलती हुई थी। कई बार कैंसर सेल्स बेहद मजबूत होती हैं और इलाज के बावजूद पूरी तरह खत्म नहीं हो पातीं।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कुछ प्रकार के कैंसर में दोबारा लौटने की संभावना अधिक होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओवेरियन कैंसर से पीड़ित लगभग 10 में से 7 महिलाओं में बीमारी फिर से लौट सकती है। वहीं कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में सर्जरी के शुरुआती तीन वर्षों के भीतर पुनरावृत्ति का जोखिम बना रहता है।
मरीजों में बना रहता है डर, लेकिन इलाज में सुधार जारी
अमेरिकन कैंसर सोसायटी की एक स्टडी में पाया गया है कि कैंसर से उबर चुके अधिकांश लोग इस आशंका के साथ जीते हैं कि बीमारी दोबारा लौट सकती है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल साइंस में लगातार प्रगति हो रही है और बेहतर इलाज की वजह से कई मरीज लंबे समय तक सामान्य जीवन जी पा रहे हैं।
फिर भी यह कहना मुश्किल है कि कौन सा कैंसर कितनी बार वापस आ सकता है, क्योंकि यह हर मरीज की स्थिति और बीमारी के प्रकार पर निर्भर करता है।














