
हिंदू परिवारों और मंदिरों में सुबह पूजा से पहले और बाद में शंख बजाने की परंपरा सदियों पुरानी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शंख की आवाज़ घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और वातावरण में सकारात्मकता बनाए रखती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शंख सिर्फ आध्यात्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि इसे रोज बजाने से शारीरिक स्वास्थ्य पर भी कई अद्भुत लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद में इसे न केवल सांस संबंधी बीमारियों से राहत देने वाला उपाय माना गया है, बल्कि यह तनाव, पाइल्स, कमजोर फेफड़े, त्वचा रोग और नींद की समस्या जैसे कई रोगों से भी बचाव करता है।
यदि आपके साथी को आपके खर्राटों की वजह से नींद नहीं आती तो शंख की यह आदत उन्हें भी राहत दे सकती है और रात की अच्छी नींद सुनिश्चित कर सकती है।
रोजाना शंख बजाने के 5 बड़े फायदे
1. खर्राटों और स्लीप एप्निया में राहत
आयुर्वेद के अनुसार शंख बजाने से गले की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इससे नींद की गुणवत्ता बढ़ती है और स्लीप एप्निया जैसी समस्या में राहत मिलती है। स्लीप एप्निया वह स्थिति है जिसमें सोते समय श्वास रुकती रहती है। गले की ढीली मांसपेशियों के कारण यह समस्या होती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। शंख बजाने की प्रक्रिया गले और फेफड़ों को व्यायाम देती है, जिससे नींद गहरी और आरामदायक बनती है।
2. पाइल्स और प्रोस्टेट की समस्याओं में लाभ
शंख बजाने से गुदा और प्रोस्टेट पर दबाव पड़ता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पाइल्स जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। नियमित अभ्यास पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक होता है।
3. अंगों का प्राकृतिक व्यायाम
शंख बजाना मूत्रमार्ग, मूत्राशय, निचले पेट, डायाफ्राम, छाती और गर्दन की मांसपेशियों के लिए उत्तम व्यायाम है। बार-बार गहरी सांस लेना और छोड़ना फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। शंख बजाने की क्रिया योग की तीन क्रियाओं – कुम्भक, रेचक और प्राणायाम – को एक साथ करती है, जिससे पूरे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
4. तनाव और मानसिक दबाव कम करता है
शंख बजाने से न केवल घर का वातावरण बल्कि दिमाग भी साफ होता है। रोजाना शंख बजाने की आदत तनाव और मानसिक दबाव को कम करने में मदद करती है। इससे व्यक्ति हल्का और सकारात्मक महसूस करता है।
5. सांस फूलने और श्वसन समस्याओं में सुधार
विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना शंख बजाने से श्वसन प्रणाली मजबूत होती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जिन्हें सांस फूलने की समस्या है। नियमित अभ्यास से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, थायरॉयड ग्रंथियों को व्यायाम मिलता है और बोलने से जुड़ी समस्याओं जैसे हकलाना में भी सुधार आता है।
रोजाना शंख बजाना केवल आध्यात्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी एक सरल और प्राकृतिक उपाय है। इसे अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करें और घर में सकारात्मकता, स्वस्थ फेफड़े और मानसिक शांति का अनुभव करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














