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बेलपत्र : कोरोनाकाल में सांस से जुड़ी बीमारियों में अमृत से कम नहीं, जानें और भी फ़ायदे

शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले बेलपत्र सिर्फ़ भगवान की पूजा-अर्चना में ही उपयोगी नहीं हैं, बल्कि इसके कई और भी फ़ायदे हैं। मौजूदा

Posts by : Nupur Rawat | Updated on: Thu, 06 May 2021 1:09:41

बेलपत्र : कोरोनाकाल में सांस से जुड़ी बीमारियों में अमृत से कम नहीं, जानें और भी फ़ायदे

शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले बेलपत्र सिर्फ़ भगवान की पूजा-अर्चना में ही उपयोगी नहीं हैं, बल्कि इसके कई और भी फ़ायदे हैं। मौजूदा कोरोनाकाल में सांस संबंधी समस्याओं को दूर करने में यह काफी कारगर साबित हो सकता है। बेलपत्र में प्रोटीन, बीटा-कैरोटीन, थायमीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी के साथ-साथ भरपूर मात्रा में ऑर्गैनिक कम्पाउंड्स और ऐंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। बेजान और रूखी त्वचा में चमक लाना हो या बालों को स्वस्थ और सुंदर बनाना हो, बेलपत्र इसमें बेहद अहम् भूमिका निभाते हैं।


बेलपत्र : कोरोनाकाल में सांस से जुड़ी बीमारियों में अमृत से कम नहीं, जानें और भी फ़ायदे

बेलपत्र से पाएं दाग़-धब्बे रहित त्वचा

बेल के रस को थोड़े गुनगुने पानी में मिला लें। इसमें शहद की कुछ बूंदें डालें। इस घोल का नियमित रूप से सेवन करने से ख़ून साफ़ होता है। सफ़ेद दाग़ बेलपत्र की मदद से ठीक हो सकते हैं। बेल के गूदे में सोरलिन नाम का तत्व होता है, जो त्वचा की धूप सहने की क्षमता को बढ़ाता है।

इसके अलावा बेलपत्र में कैरोटीन भी होता है और ये दोनों तत्व मिलकर त्वचा की रंगत को एक जैसा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बेल के रोज़ाना उपयोग से त्वचा के सफ़ेद दाग हल्के हो जाते हैं। बेलपत्र के रस के साथ जीरा मिलाकर पीने से पित्त के साथ-साथ त्वचा पर होन वाले दाग़-धब्बों और खुजली के निशानों को भी ठीक करने में मदद मिलती है।


बेलपत्र : कोरोनाकाल में सांस से जुड़ी बीमारियों में अमृत से कम नहीं, जानें और भी फ़ायदे

बालों के लिए बेहद फ़ायदेमंद है बेलपत्र

बेलपत्र के पके हुए फल के छिलके को साफ़ कर उसमें तिल का तेल और कपूर मिलाएं और तेल को सिर में रोज़ाना लगाएं, इससे सिर में जूं नहीं रहती हैं। बालों को झड़ने से रोकने के लिए बेलपत्र का सेवन सबसे उचित तरीक़ा है। रोज़ाना एक बेल पत्ते को धोकर खाएं। इससे आपको एक हफ़्ते में फ़र्क़ दिखना शुरू हो जाएगा।


बेलपत्र : कोरोनाकाल में सांस से जुड़ी बीमारियों में अमृत से कम नहीं, जानें और भी फ़ायदे

कई रोगों में लाभकारी है बेलपत्र

- बेल के पके फल को शहद और शक्कर के साथ खाने से ख़ून का रंग साफ़ होता है, साथ ही ख़ून में बढ़ोतरी भी होती है।

- बेल के पत्तों का रस पूरे शरीर पर लगाएं और एक घंटे बाद नहा लें, इससे आपके शरीर की दुर्गंध ख़त्म हो जाएगी।

- विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग होता है। बेल फल विटामिन सी से भरपूर होता है, इसके सेवन से आप स्कर्वी रोग से बच सकते हैं।

- पके हुए बेल के गूदे को पानी में उबाल लें। पानी को ठंडा कर, उससे कुल्ला करने से आपके मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे।


बेलपत्र : कोरोनाकाल में सांस से जुड़ी बीमारियों में अमृत से कम नहीं, जानें और भी फ़ायदे

- दिल के रोगियों के लिए बेलपत्र का प्रयोग बेहद असरदार होता है। बेलपत्र का काढ़ा रोज़ाना पीने से दिल हमेशा मज़बूत रहेगा और हार्ट अटैक का ख़तरा भी कम होगा।

- सांस से जुड़ी बीमारियों में भी बेलपत्र किसी अमृत से कम नहीं है। इसकी पत्तियों को पीस कर रस बना लें और नियमित रूप से इसका सेवन करें, इससे आपको काफ़ी लाभ होगा।

- बुख़ार होने पर बेलपत्र का काढ़ा बनाकर पीने से बुख़ार ठीक हो जाता है।

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