हाल ही 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड की घोषणा की गई। ये पुरस्कार साल 2023 की फिल्मों के लिए दिए गए हैं। इसमें शाहरुख खान को ‘जवान’ और विक्रांत मैसी को ‘12वीं फेल’ के लिए संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर के लिए चुना गया। रानी मुखर्जी ने ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। यह पुरस्कार और भी कई कैटेगरी में दिया गया। सभी विजेताओं ने इस पर खुशी जताई है। हालांकि साउथ एक्ट्रेस उर्वशी ने सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड मिलने के बावजूद नाराजगी व्यक्त की है।
उन्हें फिल्म ‘उल्लोझुक्कू’ के लिए यह सम्मान मिला है। फिल्म में उनके साथ एक और एक्ट्रेस पार्वती थिरुवोथु का भी अहम रोल था। उर्वशी (56) का कहना है कि क्या बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड का फैसला उम्र देखकर किया जाता है। बता दें कि उर्वशी और पार्वती दोनों बेस्ट एक्ट्रेस कैटेगरी के लिए नॉमिनेट हुई थीं और उन्हें सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवार्ड मिला है। उर्वशी ने मनोरमा न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि मैं अवार्ड के लिए आभारी हूं लेकिन मेरे रोल को सपोर्टिंग बताने का लॉजिक नहीं समझ पा रही हूं। एक्टिंग स्केल का कोई स्टैंडर्ड है क्या? या फिर एक उम्र के बाद आपको यही मिलता है?'
इन अवार्ड को देने की मंशा ये होती है कि पाने वाला गर्व महसूस करे न कि बिना किसी एक्सप्लेनेशन के। ये कोई पेंशन का पैसा नहीं है जो चुपचाप रख लिया जाए। ये फैसले लिए कैसे जाते हैं। क्या क्राइटेरिया फॉलो होता है। उर्वशी के साथ दूसरी बार ऐसा हुआ है। साल 2006 में भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड मिला था जबकि वह लीड रोल में थीं। उर्वशी बोलीं कि मेरे साथ पहले भी पॉलिटिक्स हुई थी लेकिन मैं सिर्फ अच्छा सिनेमा बनाने में भरोसा रखती हूं।
उर्वशी ने केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी से इस मामले की जांच करके मलयालम सिनेमा को सही जगह दिलाने की अपील की है। बता दें कि ‘उल्लोझुक्कू’ को मलयालम भाषा में बेस्ट फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इसका डायरेक्शन क्रिस्टो टॉमी ने किया है। फिल्म में अर्जुन राधाकृष्णन, एलेन्सियर ले लोपेज, प्रशांत मुरली और जया कुरुप जैसे कलाकार भी हैं।














