
एक्टर वरुण धवन और एक्ट्रेस जान्हवी कपूर की फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज है। वे इस जोड़ी को दोबारा बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेकरार है। इससे पहले वरुण और जान्हवी ने साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘बवाल’ में साथ काम किया था। अब मेकर्स ने SSKTK फिल्म का टीजर जारी कर दिया है। कॉमेडी और रोमांस से भरपूर ये टीजर काफी मजेदार है। टीजर की शुरुआत वरुण से हो रही है। वे ‘बाहुबली’ की ड्रेस में नजर आ रहे हैं। वे पूछते हैं कि वो अब लग रहे हैं ना ‘बाहुबली’, जिस पर वहां खड़ा एक व्यक्ति बोलता है कि रणवीर सिंह की धोती में प्रभास का पौधा लग रहे हो।
वहीं सिंगर सोनू निगम का पुराना गाना ‘तुझे लागे ना नजरिया’ बजता है, जिसमें एक्टर रोहित सराफ हेलिकाप्टर से उतरते हुए नजर आते हैं। इन तीनों के बीच कन्फ्यूजन की अलग ही खिचड़ी पकती है। प्लेन में वरुण ने जान्हवी पर जोरदार पंच मार उनका मजाक बनाते हैं। टीजर रोमांटिक से ज्यादा फनी लग रहा है। फिल्ममेकर करण जौहर ने टीजर अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। करण ने कैप्शन में लिखा, “संक्षिप्त परिचय : चार लोग, दो दिल तोड़ने वाले, एक शादी। टीजर जारी हो गया है। सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी इस दशहरा, 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी।”
फिल्म में वरुण और जान्हवी के साथ एक्ट्रेस सान्या मल्होत्रा, रोहित और मनीष पॉल भी मुख्य किरदार में शामिल हैं। फिल्म की कहानी पारिवारिक ड्रामा पर आधारित लग रही है। फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर साउथ सिनेमा से मच अवेटेड फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ से टक्कर होगी, जो उसी समय सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के डायरेक्टर शशांक खेतान हैं, जो ‘धड़क’ और ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ जैसी फिल्में बना चुके हैं। इस बीच जान्हवी की मूवी परम सुंदरी आज शुक्रवार (29 अगस्त) को रिलीज हो गई। इसमें उनके साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा हैं।

मराठी एक्टर बाल कर्वे ने 95 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
दिग्गज मराठी एक्टर बाल कर्वे का गुरुवार (28 अगस्त) को मुंबई के विले पार्ले स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनकी बेटी स्वाति कर्वे ने सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट के जरिए यह दुखद समाचार शेयर किया। कर्वे ने हाल ही अपना 95वां जन्मदिन मनाया था। उनके निधन से मराठी रंगमंच और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कर्वे ने मराठी सीरियल ‘चिमणराव’ में ‘गुंड्याभाऊ’ का किरदार अदा किया था, जिससे उन्हें खूब शौहरत मिली। यह सीरियल साल 1979 में टेलीकास्ट हुआ था।
दिलचस्प बात यह है कि यह रोल पहले शरद तलवलकर को मिलने वाला था, लेकिन कर्वे की अदाकारी ने इसे मराठी टेलीविजन के इतिहास में एक अविस्मरणीय किरदार बना दिया। आज भी दर्शक उनकी बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग और ‘गुंड्या भाऊ’ के रूप में उनके काम को याद करते हैं। कर्वे ने मराठी रंगमंच में भी योगदान दिया। उन्हें विजया मेहता और विजया जोगलेकर-धूमाले जैसे दिग्गजों का मार्गदर्शन मिला और उन्होंने ‘रथचक्र’, ‘तांदूल भक्त भक्त’, ‘मनोमणी’, ‘आई रिटायर होते’ और ‘कुसुम मनोहर लेले’ जैसे कई सराहे गए नाटकों में एक्टिंग की।
उनके सफर की शुरुआत सुमंत वरंगांवकर के साथ मिलकर किलबिल बालरंगमंच की स्थापना से हुई। कर्वे ने पुणे से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और मुंबई महापालिका (BMC) में 32 सालों तक काम किया। वे फुल टाइम इंजीनियर थे, फिर भी रंगमंच और एक्टिंग के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ।














