
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अभूतपूर्व मतदान ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। शाम 5 बजे तक करीब 90 प्रतिशत वोटिंग दर्ज होने के साथ ही कई पुराने रिकॉर्ड टूट गए। इस भारी मतदान के बाद अब दूसरे चरण के लिए चुनावी सरगर्मी और बढ़ गई है, जहां सभी दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुरसुराह में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
अपने संबोधन में अमित शाह ने राज्य सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर एक-एक कर बाहर किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे 5 तारीख को भाजपा के पक्ष में मतदान करें और डर या दबाव में आए बिना अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने उनसे शिकायत की है कि वे वोट देना चाहते हैं, लेकिन भय का माहौल उन्हें रोकता है। इस पर शाह ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे निडर होकर मतदान करें।
पहले चरण के मतदान को लेकर अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वोट पड़ना साफ संकेत है कि इस चरण में ही टीएमसी को करारा झटका लगने वाला है। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाताओं ने बिना किसी डर के अपने मत का प्रयोग किया और किसी भी तत्व की हिम्मत नहीं हुई कि वे लोगों को रोक सकें। उनके मुताबिक, भारी मतदान सीधे तौर पर बदलाव की इच्छा को दर्शाता है।
पुरसुराह की रैली में शाह ने किसानों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इस क्षेत्र को आलू उत्पादन का केंद्र बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा पड़ोसी राज्यों में आलू की आपूर्ति रोकने से कीमतें गिर गई हैं, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। शाह ने भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर आलू की सप्लाई दोबारा शुरू कराई जाएगी और प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित कर किसानों को बेहतर दाम दिलाया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने राज्य सरकार को घेरा। शाह ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कुछ मामलों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया। उन्होंने यह भी कहा कि अब वही लोग चुनावी मैदान में हैं और बदलाव की आवाज बन रहे हैं।
अपने भाषण के अंत में अमित शाह ने नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र ने देश में आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा को मौका दें, ताकि राज्य को सुरक्षित और घुसपैठ मुक्त बनाया जा सके।













