
वरुण धवन और जान्हवी कपूर की फिल्म 'सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी' की रिलीज को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह था, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। रिलीज के तीन दिन बाद भी फिल्म की कमाई उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी है। ऋषभ शेट्टी की बहुचर्चित फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ के साथ क्लैश करना वरुण-जान्हवी की फिल्म के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ है। शुरुआती दिनों में ही फिल्म की पकड़ बॉक्स ऑफिस पर कमजोर पड़ती दिख रही है और हर बीतते दिन के साथ दर्शकों का रुझान दूसरी ओर जाता नजर आ रहा है।
तीसरे दिन ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने भारत में केवल 7.25 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इसके पहले दिन के 9.25 करोड़ के मुकाबले गिरावट के बाद मामूली उछाल भर है। दूसरे दिन फिल्म ने सिर्फ 5.5 करोड़ का कारोबार किया था, जिससे साफ है कि फिल्म वीकेंड के बावजूद दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में विफल रही। तीन दिनों की कुल कमाई अब 22 करोड़ के आसपास पहुंची है, जबकि इसका निर्माण बजट करीब 80 करोड़ बताया जा रहा है। यानी अभी तक फिल्म लागत से काफी पीछे है और इसे रिकवरी की राह में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
फिल्म में वरुण धवन और जान्हवी कपूर के अलावा सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ जैसे चेहरे भी हैं, और प्रमोशन भी जोर-शोर से किया गया था। गानों को लेकर भी चर्चा बनी रही, लेकिन दर्शकों के रिस्पॉन्स ने साफ कर दिया कि केवल स्टार कास्ट और मार्केटिंग अब सफलता की गारंटी नहीं है।
वहीं दूसरी ओर, ‘कांतारा चैप्टर 1’ की बात करें तो वह हिंदी दर्शकों में भी जबरदस्त पकड़ बनाए हुए है। तीसरे दिन इस फिल्म ने केवल हिंदी वर्जन से 19 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि कुल भारत में इसका आंकड़ा 55.25 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है। यानी वरुण की फिल्म तीसरे दिन केवल हिंदी कमाई के स्तर पर ही ऋषभ शेट्टी की फिल्म से 11.75 करोड़ रुपये पीछे रही।
क्लैश का असर अब साफ दिख रहा है और ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ हर बीतते दिन के साथ घाटे की ओर बढ़ती जा रही है। फिल्म की धीमी रफ्तार और प्रतिद्वंदी फिल्म की धुआंधार कमाई से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में यह अंतर और ज्यादा चौड़ा हो सकता है। अगर वरुण-जान्हवी की इस फिल्म को चलना है तो उसे जल्द ही वर्ड ऑफ माउथ या किसी पॉजिटिव मोमेंटम की जरूरत पड़ेगी, वरना यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर एक और ‘ठंडी रिलीज’ बनकर रह जाएगी।














