एक्टर कबीर बेदी की बेटी एक्ट्रेस पूजा बेदी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस परवीन बॉबी के बारे में बात की। परवीन कुछ समय के लिए कबीर के साथ रिलेशनशिप में रही थीं। पूजा ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में कहा कि मुझे याद है कि परवीन कई सालों बाद भारत वापस आई थीं। हर कोई कह रहा था कि उनके साथ कुछ तो गड़बड़ है। मैं उनके घर गई तो उन्होंने दरवाजा खोला, लेकिन वह बहुत अलग दिखाई दे रही थीं। उनके बाल बिखरे हुए थे और वजन काफी बढ़ा हुआ लग रहा था। जैसे ही उन्होंने मुझे देखा, वैसे ही वह बहुत खु्श हो गईं और मुझे हाय बोला। इसके बाद उन्होंने मुझे अंदर बुलाया। सबकुछ काफी नॉर्मल था।
उन्होंने मुझे गले भी लगाया। हालांकि अचानक से उन्होंने मुझसे कहा कि सॉरी मैं तुम्हें खाना नहीं दे सकती हूं, क्योंकि मैं सिर्फ अंडे खाती हूं। इस पर मैंने उनसे पूछा कि आखिर वे सिर्फ अंडे ही क्यों खाती हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह एक ऐसी चीज है, जिससे मैं छेड़छाड़ नहीं कर सकती हूं। इस पर मैंने पूछा कौन तो उन्होंने जवाब दिया कि एफबीआई या सीक्रेट सर्विस। उन्होंने कहा कि कोई है जो उनके प्रोडक्ट्स को खराब कर देता है। यही वजह है कि उन्होंने डिपार्टमेंट से मेकअप जैसी चीजों को खरीदना बंद कर दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि वह मार्केट से मेकअप नहीं खरीदती, क्योंकि कोई उसे खराब कर देता है।
मैंने पूछा आखिर किसी और को यह कैसे पता चलेगा कि आप कब और क्या चीज खरीदने जा रही हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें सबकुछ पता है। इसके बाद ही मुझे लगा कि कुछ तो जरूर गड़बड़ है। मुझे उस समय उनकी चिंता हुई और कन्फ्यूज भी हो गई थी। पूजा ने अपने भाई सिद्धार्थ को भी याद किया, जिन्होंने 25 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली थी। सिद्धार्थ को साल 1997 में सिजोफ्रेनिया का पता चला था। पूजा ने खुलासा किया कि सिद्धार्थ की मौत एक बहुत बड़ा सदमा था। पूजा ने कहा कि जब सिद्धार्थ का निधन हुआ था, तब पापा मेरे साथ अमेरिका में थे।
यह मेरे लिए बेहद मुश्किल था, खासकर कमरे में एंटर करना और उस त्रासदी को देखना, वो एक ऐसा पल था जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकतीं। उन्होंने मुझे शांत करने की कोशिश की। मैं अपने पेट में पल रहे बच्चे के लिए शांत रहना चाहती थी। मैं नहीं चाहती थी कि इस सदमे की वजह से मेरा अबॉर्शन हो जाए या मेरे बच्चे पर कोई असर पड़े। मैं पॉजिटिव रही। मैं उससे बहुत प्यार करती थी और उसे याद करती थी, लेकिन मुझे पता था कि उसका सफर खत्म हो चुका है और मेरा सफर अभी जारी रहना बाकी है। सिद्धार्थ ने अपने आखिरी नोट में परिवार के लिए मैसेज छोड़े थे, जिसमें मेरे और अलाया के लिए एक बहुत ही प्यारा मैसेज और मेरी मां के लिए एक नोट भी शामिल था।














