
साउथ सिनेमा की बहुचर्चित फिल्म ‘कांतारा - चैप्टर 1’ इन दिनों न सिर्फ सिनेमाघरों में जबरदस्त कमाई कर रही है, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। अब इस फिल्म को लेकर एक बड़ी और प्रतिष्ठित खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि 5 अक्टूबर 2025 को इस फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग भारत के राष्ट्रपति भवन में आयोजित की जाएगी। यह किसी भी फिल्म के लिए एक बेहद खास सम्मान है और इस बात का प्रमाण है कि ऋषभ शेट्टी की यह रचना सिर्फ एक मनोरंजन भर नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना से गहराई से जुड़ी है।
फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता ऋषभ शेट्टी खुद इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहेंगे। उनके साथ फिल्म की लीड एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत और निर्माता चालुवे गौड़ा भी स्क्रीनिंग में भाग लेंगे। यह आयोजन फिल्म की प्रतिष्ठा को एक नया आयाम देता है और देश भर में इसकी स्वीकार्यता को और मजबूत करता है।
बॉक्स ऑफिस की बात करें तो ‘कांतारा चैप्टर 1’ अब तक 163 करोड़ की कमाई कर चुकी है। खास बात यह है कि फिल्म को मल्टी-लैंग्वेज रिलीज का फायदा मिल रहा है। कन्नड़, तमिल और तेलुगू में इसका परफॉर्मेंस जबरदस्त रहा है, वहीं हिंदी वर्जन को भी काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। बड़ी संख्या में दर्शक इसे सिनेमाघरों में देख रहे हैं, और इसका वर्ड-ऑफ-माउथ बेहद पॉजिटिव बना हुआ है।
फिल्म को IMDB पर भी शानदार रेटिंग मिली है और समीक्षकों ने इसकी सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और खास तौर पर क्लाइमैक्स की खूब तारीफ की है। हालांकि कुछ आलोचकों ने माना कि फिल्म का दूसरा हाफ पहले हिस्से की तुलना में थोड़ा धीमा है, लेकिन अंत तक आते-आते फिल्म अपने प्रभाव में कमी नहीं आने देती।
गौरतलब है कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ इस ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइज़ी का प्रीक्वल है। इसका पहला भाग जहां महज 15 करोड़ के बजट में तैयार किया गया था और उसे अप्रत्याशित सफलता मिली थी, वहीं इस बार मेकर्स ने प्रोडक्शन क्वालिटी, वीएफएक्स और तकनीकी पहलुओं पर काफी खर्च किया है। दूसरे भाग का बजट करीब 125 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो दर्शाता है कि मेकर्स ने हर स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी।
अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि क्या यह फिल्म अपने बजट को पार करते हुए साउथ सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में अपना नाम दर्ज करा पाएगी। एक बात तो साफ है कि ‘कांतारा - चैप्टर 1’ न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर, बल्कि कलात्मकता और संस्कृति के स्तर पर भी एक मजबूत छाप छोड़ चुकी है।














