
ऑनलाइन कंटेंट पर बढ़ती अश्लीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। हाल ही में 25 ऐसे ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया गया जो अश्लील वीडियो प्रसारित कर रहे थे और समाज में नकारात्मक प्रभाव डाल रहे थे। इन ऐप्स में एकता कपूर के प्लेटफॉर्म ALT बालाजी का नाम भी सामने आया, जिसने पूरे मामले को और भी चर्चित बना दिया। हालांकि अब एकता कपूर ने इस विषय में अपनी चुप्पी तोड़ी है और साफ-साफ बताया है कि इस ऐप से उनका रिश्ता अब कोई नहीं रहा।
चार साल पहले ही ALT से अलग हो चुकी हैं एकता कपूर
एकता कपूर ने अपने ताजा बयान में स्पष्ट किया है कि वे और उनकी मां शोभा कपूर साल 2021 में ही ALT बालाजी से अलग हो चुके हैं। उनके अनुसार, ALT अब बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का हिस्सा नहीं रहा है और उन्होंने इस प्लेटफॉर्म के संचालन से पूर्ण रूप से नाता तोड़ लिया है। एकता ने कहा कि उनकी कंपनी हमेशा कानून का पालन करती है और सभी नियमों का पूरी तरह से सम्मान करती है। ऐसे में यदि कोई ALT ऐप से उन्हें जोड़कर कोई टिप्पणी करता है, तो वह तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
To Whomsoever It May Concern pic.twitter.com/nKgKhldtbj
— Ektaa R Kapoor (@EktaaRKapoor) July 25, 2025
क्यों लगाया 25 ऐप्स पर प्रतिबंध?
सरकार की नजर में कई ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स थे जो अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री परोस रहे थे। इन ऐप्स में पारिवारिक मूल्यों को तोड़ने वाले और सामाजिक मर्यादा के विपरीत कंटेंट की भरमार थी, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा था। लंबे समय से विभिन्न संगठनों और लोगों द्वारा इस पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। नतीजतन, सरकार ने ULLU, ALTT, नवरसा और गुलाब जैसे कई ऐप्स पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है।
एकता कपूर की पहले की प्रतिक्रिया
ALT ऐप को लेकर पहले भी एकता कपूर से सवाल पूछे गए थे। तब उन्होंने बताया था कि इस ऐप को उन्होंने ऐसे विषयों पर खुलकर बातचीत के लिए शुरू किया था जिन पर आमतौर पर समाज में चर्चा नहीं होती। उनका उद्देश्य था कि भारतीय दर्शक भी वैश्विक विषयों पर मुखर हो सकें। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि धीरे-धीरे कंटेंट पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया और दिशा भटक गई। इसी कारण उन्होंने समय रहते इस प्लेटफॉर्म से दूरी बना ली।
अब की स्थिति में एकता की भूमिका नहीं
ALT ऐप पर बैन लगने के बाद एकता कपूर का स्टेटमेंट ये साफ करता है कि मौजूदा स्थिति में उनकी कोई भूमिका नहीं है। न तो वे अब इस ऐप की मालिक हैं और न ही इसकी कंटेंट पॉलिसी से उनका कोई संबंध है। उन्होंने यह भी दोहराया कि बालाजी टेलीफिल्म्स एक जिम्मेदार संस्था है, जो केवल वैधानिक और नैतिक रूप से स्वीकार्य सामग्री का ही निर्माण करती है।














