बिग बॉस 19 का गुरुवार का एपिसोड काफी हंगामेदार रहा। कैप्टेंसी टास्क के दौरान घर के भीतर न सिर्फ जोरदार भिड़ंत हुई, बल्कि विवादों का ऐसा सिलसिला छिड़ा जिसने दर्शकों को चौंका दिया। बसीर अली और अभिषेक बजाज के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, वहीं दूसरी ओर नेहल चुदास्मा और अमाल मलिक का मामला चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया।
नेहल का आरोप और घर में गहराता तनाव
टास्क के बीच नेहल भावुक होकर फूट-फूटकर रो पड़ीं और अमाल पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगा दिया। इस आरोप ने घर का माहौल पल भर में बदल दिया। नेहल की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे और वह कई बार कहती दिखीं कि वह अपनी बात ठीक से रख ही नहीं पा रही हैं क्योंकि मामला उनके लिए बेहद संवेदनशील है।
अमाल की सफाई और कसम
टास्क के बाद अमाल मलिक ने बार-बार यह स्पष्ट किया कि उनका किसी भी तरह का गलत इरादा नहीं था। जीशान कादरी के सामने तो वे भावुक होकर कसम खाते हुए दिखाई दिए। अमाल का कहना था कि उन्होंने नेहल को अनुचित तरीके से कभी नहीं छुआ। घर के ज्यादातर सदस्य भी अमाल के पक्ष में खड़े नजर आए।
लगातार मांगी माफी
हालांकि खुद को निर्दोष बताते हुए भी अमाल ने नेहल से कई बार माफी मांगी। उन्होंने समझाने की कोशिश की कि टास्क की गर्मागर्मी में कुछ गलतफहमी हो सकती है, लेकिन उनका इरादा गलत नहीं था। बाद में नेहल ने भी बातचीत के दौरान माना कि टास्क के दौरान शारीरिक संपर्क से बचा जाना चाहिए था।
Bro literally did nothing, but #NehalChudasama started crying and accused him of misconduct.
Amaal was not at fault at all, but still apologized multiple times.
Playing the women/victim card like it’s a strategy. 🤡🤡#AmaalMallikसोशल मीडिया पर भड़ास
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कई यूजर्स ने टास्क की क्लिप शेयर कर नेहल को ट्रोल किया। एक यूजर ने लिखा, “वीडियो में साफ है कि अमाल ने कुछ भी गलत नहीं किया, फिर भी नेहल ने उन पर आरोप जड़ दिए। शर्म आनी चाहिए।” दूसरे यूजर ने लिखा, “यहां बार-बार विक्टिम कार्ड खेलना अब घिनौना लगता है। अमाल ने बेवजह माफी मांगी, जबकि गलती उनकी नहीं थी।”
दर्शकों का समर्थन अमाल के साथ
कई दर्शकों ने अमाल मलिक के लिए सहानुभूति जताई। एक टिप्पणी में लिखा गया, “अमाल, तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। खेल खेल है, इसमें औरत-मर्द का फर्क नहीं होना चाहिए।” वहीं किसी ने सवाल उठाया कि, “हर बार जेंडर का कार्ड क्यों खेलना पड़ता है? खेल को खेल की तरह क्यों नहीं लिया जा सकता?”














