झारखंड: राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ले जाने से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी गंभीर होती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों ने बताया है कि अगर मेरी हालत और खराब होती है तो मेरी जान को खतरा हो सकता है। स्थिति बिगड़ने पर इसे संभालना मुश्किल हो सकता है। छात्रों की ओर से सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम पहले ही सरकार को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।"
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार के साथ बातचीत काफी पहले हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने आंदोलन शुरू किया है, वे खुद को परीक्षा प्रक्रिया से प्रभावित बता रहे हैं और उनकी मांगें जायज हैं। उनके अनुसार, अब तक हुई जांचों में भी छात्रों की चिंताओं से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। इसके बावजूद सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं रहा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
CBI जांच की मांग को लेकर विधानसभा में विरोध की चेतावनी
वहीं, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के विधायक निर्मल महतो ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कथित परीक्षा घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने का आदेश नहीं देते, तब तक विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने दी जाएगी।
निर्मल महतो ने आरोप लगाया कि वर्तमान में जिन जांच एजेंसियों के जरिए मामले की जांच कराई जा रही है, वे सरकार के प्रभाव में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष जांच की जरूरत है और इसके लिए CBI जांच जरूरी है।
VIDEO | Ranchi, Jharkhand: The protest by students against alleged examination irregularities continues. Student leader Devendra Nath Mahto, who is on hunger strike, says, "The doctors have advised that I should be admitted to a hospital. They have warned that if my condition… pic.twitter.com/NYEjGf4vIq
— Press Trust of India (@PTI_News) August 7, 2026
प्रदर्शनकारी छात्र को बिगड़ी तबीयत के बाद कराया गया भर्ती
अधिकारियों के अनुसार, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे छह प्रदर्शनकारियों में से एक देवेंद्र नाथ महतो की शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
छात्र नेता पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हुए थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
महुआ मांजी ने सरकार के कदमों का किया बचाव
इस पूरे मामले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सांसद महुआ माजी ने सरकार का पक्ष रखा। JPSC-JSSC उम्मीदवारों के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि जब देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब केंद्र सरकार ने लंबे समय तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया था।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने छात्रों की समस्याओं को शुरुआत से गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही दिन छात्रों की बात सुनी, संबंधित बोर्ड के चेयरमैन का इस्तीफा स्वीकार किया, CID जांच शुरू कराई और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
महुआ माजी ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और छात्रों को न्याय दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
आंदोलन का 14वां दिन, विधानसभा मार्च की तैयारी
झारखंड में सरकारी नौकरी से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान छह प्रदर्शनकारी लगातार भूख हड़ताल पर हैं।
विरोध कर रहे छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने अब आंदोलन को और तेज करने की तैयारी की है। दो छात्र संगठनों ने विधानसभा तक मार्च निकालने की घोषणा की है, क्योंकि इस समय राज्य विधानसभा का सत्र भी चल रहा है।
आंदोलनकारी छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों ने सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी तैयार किया है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।













