बॉलीवुड अभिनेता और लोकप्रिय कॉमेडियन राजपाल यादव एक बार फिर आर्थिक और कानूनी मुश्किलों को लेकर चर्चा में हैं। करीब 19 साल पहले लिया गया बैंक ऋण अब उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा ने 16.61 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया नहीं चुकाने पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित उनकी गिरवी रखी गई पैतृक संपत्ति पर कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक ने नोटिस जारी करते हुए साफ कहा है कि यदि तय समय के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की गई तो 9 सितंबर 2026 को संबंधित अचल संपत्ति की ऑनलाइन नीलामी कर दी जाएगी।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता को उनकी फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़े चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। ऐसे में राजपाल यादव की कानूनी और वित्तीय चुनौतियां एक साथ बढ़ती नजर आ रही हैं।
बंडा स्थित 'यादव भवन' पर चस्पा हुआ नीलामी नोटिस
ताजा जानकारी के अनुसार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा के निर्देश पर शाहजहांपुर शाखा के प्रबंधक अनुज वर्मा ने पुवायां तहसील के बंडा कस्बे में स्थित राजपाल यादव के पैतृक आवास 'यादव भवन' पर नीलामी का नोटिस चस्पा कराया है।
बैंक के रिकॉर्ड के मुताबिक अभिनेता, उनकी पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी देवी के नाम कुल 16 करोड़ 61 लाख 64 हजार 638 रुपये की देनदारी दर्ज है। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) मुंबई के आदेश के बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत बंडा स्थित गाटा संख्या 1410, 1411, 1412 और 1413 में दर्ज जमीन और मकान को नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
बैंक ने इस संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 3 करोड़ 19 लाख 26 हजार रुपये तय किया है। ई-नीलामी में भाग लेने वाले इच्छुक खरीदारों को 7 सितंबर 2026 तक 31 लाख रुपये की बयाना राशि जमा करनी होगी। इसके बाद 9 सितंबर 2026 को ऑनलाइन माध्यम से नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फिल्म 'अता पता लापता' से शुरू हुआ वित्तीय संकट, मां और पत्नी थीं गारंटर
राजपाल यादव की मौजूदा आर्थिक परेशानियों की जड़ उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' मानी जा रही है। साल 2005 में उन्होंने अपने माता-पिता के नाम पर 'नवरंग गोदावरी एंटरटेनमेंट लिमिटेड' नाम से एक प्रोडक्शन कंपनी बनाई थी। इसी कंपनी के जरिए फिल्म निर्माण के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (मुंबई) शाखा से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था।
हालांकि फिल्म रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके चलते लोन की किश्तों का भुगतान समय पर नहीं हो पाया। समय बीतने के साथ मूल राशि पर ब्याज, पेनल्टी और अन्य शुल्क जुड़ते गए, जिससे कुल बकाया बढ़कर 16.61 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। बैंक से ऋण लेते समय शाहजहांपुर स्थित उनकी मां गोदावरी देवी और पत्नी राधा यादव के नाम दर्ज अचल संपत्तियों को गारंटी के तौर पर गिरवी रखा गया था। अब बकाया वसूली के लिए बैंक उन्हीं संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है।
समझौते की कोशिश में जुटा परिवार
बैंक की ओर से नीलामी की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद अभिनेता के परिवार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव का कहना है कि यह मामला कई वर्षों से लंबित है और इसे सुलझाने के लिए बैंक अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत जारी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि नीलामी की निर्धारित तारीख आने से पहले दोनों पक्षों के बीच किसी न किसी समाधान पर सहमति बन जाएगी। उनका कहना है कि परिवार पूरा प्रयास कर रहा है ताकि संपत्ति की नीलामी टाली जा सके और विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकल आए।
चेक बाउंस मामलों ने भी बढ़ाई मुश्किलें
बैंक ऋण के विवाद के साथ-साथ राजपाल यादव चेक बाउंस से जुड़े मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में उन्हें तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत की शर्तों का समय पर पालन न होने और भुगतान में देरी के कारण फरवरी 2026 में उन्हें तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा था। करीब 12 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी।
अगर उनके फिल्मी करियर की बात करें तो राजपाल यादव हाल ही में 'वेलकम टू द जंगल' में नजर आए थे। वहीं आने वाले समय में वह 'हैवान' फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ स्क्रीन साझा करते हुए दिखाई देंगे।













