
एक्ट्रेस आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की आने वाली फिल्म 'अल्फा' की जब से घोषणा हुई है तब से ही यह चर्चाओं में बनी हुई है। इस बीच बड़ी अपडेट ये है कि आलिया-शरवरी ने फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए दोनों एक्ट्रेस ने सेट पर मौजूद क्रू और फैंस के साथ मिलकर एक जबरदस्त डांस फेस ऑफ किया। सूत्रों का कहना है कि उनके बीच का यह डांस मुकाबला फिल्म का सबसे अहम हिस्सा है और दर्शकों के लिए यह एक बड़ा सरप्राइज होगा। यह सीक्वेंस फिल्म की शूटिंग की लास्ट फेज में फिल्माया गया था और इसे बेहतरीन अंदाज में प्रजेंट किया गया है।
इस सीन के लिए दोनों के लिए अलग-अलग सिंगर अपनी आवाज देंगे। फिल्म का फाइनल कट 31 अगस्त तक डायरेक्टर शिव रवैल को सौंप दिया जाएगा। शिव इस समय इसके साउंड डिजाइन और बैकग्राउंड स्कोर पर काम करवा रहे हैं। फिल्म के एक्शन सींस को और दमदार बनाने के लिए उनमें कई बदलाव किए जा रहे हैं। फिल्म में अनिल कपूर, बॉबी देओल और ऋतिक रोशन भी नजर आएंगे। ऋतिक अपने बेहद मशहूर जासूस किरदार ‘कबीर धालीवाल’ की झलक दिखाएंगे, जो पहले 'वॉर' 2 में देखने को मिला था। हालांकि यह किरदार छोटा होगा, लेकिन कहानी में अहम ट्विस्ट लाएगा।
आलिया ने फिल्म के लिए खूब मेहनत की है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आलिया ने 'अल्फा' की शूटिंग 5 जुलाई से शुरू की थी। इस फिल्म में उन्हें पहले से बिल्कुल अलग और नया रूप दिया गया है। वह एक सुपर एजेंट का किरदार निभा रही हैं, जिसके लिए उन्होंने करीब 4 महीने तक ट्रेनिंग ली। शरवरी भी इस फिल्म में दमदार भूमिका निभा रही हैं। शरवरी की यह अब तक की सबसे बड़ी फिल्म मानी जा रही है। फिल्म का बड़ा हिस्सा कश्मीर की वादियों में शूट किया गया है।

सिंगर श्रेया घोषाल ने कहा, उस समय मैं महज 16 साल की थीं और भंसाली जी ने…
श्रेया घोषाल को बॉलीवुड में मौजूदा दौर की बेस्ट सिंगर्स में से एक माना जाता है। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में दो दशक से ज्यादा समय हो चुका है। श्रेया ने अपनी खनकती आवाज से कई लोकप्रिय और सुपरहिट गानों को सजाया है। लोग उनकी आवाज सुनकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। इस बीच श्रेया ने एक इंटरव्यू में बताया कि दिग्गज फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली उनकी सफलता की राह में सबसे बड़े मार्गदर्शक साबित हुए। भंसाली की साल 2002 में आई फिल्म ‘देवदास’ उनके करिअर का असली टर्निंग पॉइंट बनी।
श्रेया ने कहा कि उस समय मैं महज 16 साल की थीं और भंसाली जी ने मुझे अपनी फिल्म में गाने का मौका देकर लॉन्च किया। उनके साथ काम करने के लिए धैर्य और विश्वास बेहद जरूरी था। मैंने वचन दिया था कि जब तक ‘देवदास’ का गाना रिलीज नहीं होता, मैं किसी और प्रोजेक्ट से नहीं जुड़ूंगी। मुझे उस समय बहुत से ऑफर्स मिल रहे थे, लेकिन मेरे पिता ने सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया।
गाना रिलीज होने से पहले हमें कई ऑफर मिले, लेकिन हमने सिद्धांतों पर टिके रहने का फैसला किया। अगर मैं उन गानों को कर लेती तो शायद ‘देवदास’ का हिस्सा नहीं बन पातीं। भंसाली जी इस बात को लेकर स्पष्ट थे कि वही मुझे लॉन्च करेंगे और मुझे फिल्म रिलीज तक इंतजार करना होगा। यही भरोसा और सब्र मेरी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ।














