
एक्टर अक्षय कुमार (58) ने अपनी 13 साल की बेटी नितारा के साथ ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई अजीबोगरीब घटना के बारे में खुलासा किया है। आज शुक्रवार (3 अक्टूबर) को मुंबई में पुलिस महानिदेशक (डीजी) कार्यालय में ‘साइबर अवेयरनेस मंथ अक्टूबर 2025’ का उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अक्षय भी शामिल हुए। इस दौरान अक्षय ने नितारा से जुड़ी एक परेशान करने वाली घटना शेयर करते हुए बताया कि कैसे कुछ महीने पहले ऑनलाइन वीडियो गेम खेलते समय उनकी बेटी का सामना एक अनजान व्यक्ति से हुआ।
उस शख्स ने पहले उसे दोस्ताना अंदाज में मैसेज भेजे और फिर अचानक न्यूड फोटो भेजने के लिए कहा। अक्षय ने कहा कि मैं कुछ महीने पहले अपने घर पर घटी एक छोटी सी घटना शेयर करना चाहता हूं। मेरी बेटी वीडियो गेम खेल रही थी। कुछ वीडियो गेम ऐसे होते हैं जिन्हें आप किसी के साथ खेल सकते हैं। आप किसी अनजान अजनबी के साथ खेल रहे होते हैं। जब आप खेल रहे होते हैं, तो कभी-कभी उधर से एक मैसेज आता है…फिर एक मैसेज आया, क्या आप मेल हैं या फीमेल? तो उसने जवाब दिया फीमेल और फिर उसने एक मैसेज भेजा। क्या आप मुझे अपनी नग्न तस्वीरें भेज सकते हैं? ये मेरी बेटी थी।
उसने सब कुछ बंद कर दिया और जाकर मेरी पत्नी ट्विंकल को बताया। इस तरह से चीजें शुरू होती हैं। ये भी साइबर अपराध का एक हिस्सा है…मैं मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करूंगा कि हमारे महाराष्ट्र राज्य में 7वीं, 8वीं, 9वीं और 10वीं कक्षा में हर हफ्ते साइबर पीरियड नाम से एक पीरियड होना चाहिए जहां बच्चों को इसके बारे में समझाया जाए। आप सभी जानते हैं कि ये अपराध सड़क पर होने वाले अपराध से भी बड़ा होता जा रहा है। इस अपराध को रोकना बहुत जरूरी है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर को साइबर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करना है।

आशा भोसले ने याचिका में कई कंपनियों पर लगाया था उनकी पहचान के दुरुपयोग का आरोप
आशा भोसले (92) बॉलीवुड की दिग्गज गायिका हैं। उन्होंने हजारों गानों को अपनी मधुर आवाज से सजाया है। लोग उनकी गायिकी के दीवाने हैं। फिलहाल आशा से जुड़ी खबर ये है कि उनकी पर्सनलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि बिना आशा की अनुमति के कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, एआई टूल या अन्य सोशल मीडिया उनके नाम, आवाज, तस्वीर या पहचान का इस्तेमाल नहीं कर सकता। आर्टिफियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दुरुपयोग के बीच कोर्ट का ये फैसला आया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने खासकर इस बात पर जोर दिया कि एआई टूल्स जो किसी सेलिब्रिटी की आवाज को मोडिफाई कर नकल करते हैं वे उन सेलेब्रिटीज के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। ऐसी तकनीकें बिना सहमति के किसी की आवाज को कॉपी कर सकती हैं, जिससे उनके पब्लिक और पर्सनलिटी को नुकसान पहुंचता है। उल्लेखनीय है कि आशा ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें उन्होंने कई कंपनियों पर उनकी पहचान के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। इनमें Mayk AI कंपनी, अमेजन, फ्लिपकार्ट और गूगल जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं जो उनकी आवाज, नाम फोटो को प्रसारित कर रहे थे।
आशा की लीगल टीम ने दलील दी कि इस तरह की गतिविधियों से उनकी दशकों में बनी प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत ब्रांड को नुकसान पहुंचा है। आशा को पद्म विभूषण, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और दो ग्रैमी नामांकन जैसे कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत इन गतिविधियों पर रोक लगाई है और सभी संबंधित प्लेटफॉर्म और विक्रेताओं को ऐसे उत्पादों और कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।














