चेहरे पर हल्का सा ब्लश पूरे मेकअप लुक को फ्रेश और नेचुरल बना सकता है। लेकिन कई बार खूबसूरत दिखने वाला शेड चेहरे पर लगाने के बाद जरूरत से ज्यादा चमकीला, फीका या असमान नजर आने लगता है। इसकी एक वजह स्किन टोन और दूसरी वजह अंडरटोन से ब्लश का मेल न होना हो सकती है। ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्लश चुनते समय सिर्फ अपनी त्वचा का रंग नहीं, बल्कि उसके अंडरटोन पर भी ध्यान देना चाहिए।
अगर आपको ऐसा ब्लश चाहिए जो चेहरे पर अलग से लगाया हुआ न लगे और त्वचा के नेचुरल फ्लश जैसा दिखाई दे, तो अपनी स्किन टोन के साथ शेड की गर्माहट या ठंडेपन को समझना मददगार हो सकता है। भारतीय स्किन टोन के लिए पीच, कोरल, रोज, बेरी और टेराकोटा जैसे शेड अलग-अलग कॉम्प्लेक्शन पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
सबसे पहले समझें अपना अंडरटोन
स्किन टोन और अंडरटोन एक जैसी चीजें नहीं हैं। स्किन टोन त्वचा की ऊपरी रंगत को कहा जाता है, जबकि अंडरटोन त्वचा के नीचे दिखाई देने वाला हल्का रंग होता है। इसे आम तौर पर वार्म, कूल या न्यूट्रल माना जाता है।
अगर आपकी कलाई की नसें हरी दिखाई देती हैं तो आपका अंडरटोन वार्म हो सकता है। नीली या बैंगनी नसें कूल अंडरटोन की ओर इशारा कर सकती हैं, जबकि दोनों का मिला-जुला रंग न्यूट्रल अंडरटोन का संकेत हो सकता है। हालांकि यह सिर्फ एक सामान्य तरीका है, इसलिए अंतिम चुनाव करते समय चेहरे पर शेड का वास्तविक लुक देखना बेहतर रहता है।
1. फेयर स्किन के लिए सॉफ्ट पिंक और लाइट पीच
अगर आपकी स्किन फेयर या बहुत हल्की है तो बहुत गहरे और ज्यादा पिगमेंट वाले ब्लश की बजाय सॉफ्ट पिंक, हल्का पीच या नाजुक कोरल शेड से शुरुआत कर सकती हैं। ऐसे रंग हल्की त्वचा पर ज्यादा भारी दिखाई दिए बिना गालों को फ्रेश लुक दे सकते हैं।
कूल अंडरटोन वाली फेयर स्किन पर सॉफ्ट पिंक और रोज टोन अच्छे शुरुआती विकल्प हो सकते हैं, जबकि वार्म अंडरटोन के साथ हल्का पीच ज्यादा सहज दिखाई दे सकता है। बहुत ज्यादा प्रोडक्ट लगाने की बजाय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करना बेहतर है।
2. लाइट से मीडियम स्किन के लिए पीच और कोरल
लाइट से मीडियम स्किन टोन पर पीच और कोरल शेड चेहरे में गर्माहट जोड़ सकते हैं। खासकर वार्म अंडरटोन होने पर ये रंग नेचुरल फ्लश जैसा प्रभाव दे सकते हैं। मीडियम स्किन के लिए रोज और सॉफ्ट माउव भी विकल्प हो सकते हैं।
अगर आपका मकसद रोजाना के मेकअप में बहुत ज्यादा रंग दिखाना नहीं है, तो हल्का पीच या सॉफ्ट कोरल चुनना आसान विकल्प हो सकता है। ब्लश को धीरे-धीरे बिल्ड करने से रंग की तीव्रता को नियंत्रित करना भी आसान रहता है।
3. मीडियम स्किन पर रोज और टेराकोटा
मीडियम स्किन टोन के साथ रोज, कोरल और टेराकोटा शेड इस्तेमाल किए जा सकते हैं। वार्म अंडरटोन के लिए टेराकोटा और गर्म कोरल चेहरे पर ज्यादा स्वाभाविक लग सकते हैं, जबकि कूल अंडरटोन के साथ रोज या माउव की तरफ जाना बेहतर शुरुआती विकल्प हो सकता है।
यहां शेड की गहराई भी महत्वपूर्ण है। बहुत हल्का रंग ब्लेंड होने के बाद गायब हो सकता है, जबकि जरूरत से ज्यादा गहरा रंग चेहरे पर अलग से दिखाई दे सकता है। इसलिए पहले कम मात्रा लगाकर उसे अच्छी तरह ब्लेंड करना उपयोगी रहता है।
4. डस्की या मीडियम-डीप स्किन के लिए टेराकोटा और बेरी
डस्की या मीडियम-डीप स्किन पर बहुत हल्के पेस्टल पिंक की बजाय टेराकोटा, बेरी और गहरे रोज जैसे शेड अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। भारतीय स्किन टोन के लिए भी बेरी और टेराकोटा को गहरे कॉम्प्लेक्शन के विकल्पों में शामिल किया जाता है।
ऐसे शेड चुनते समय पिगमेंटेशन पर भी ध्यान दें। बहुत हल्का ब्लश त्वचा पर दिखाई नहीं दे सकता, जबकि पर्याप्त पिगमेंट वाला शेड कम मात्रा में लगाने पर भी रंग दे सकता है। गहरी त्वचा के लिए मौजूदा ब्यूटी गाइड्स में रिच बेरी, टेराकोटा, वार्म कोरल और रेड टोन जैसे रंगों का भी सुझाव दिया जाता है।
5. डीप स्किन के लिए बेरी, प्लम और रिच कोरल
डीप स्किन टोन पर बेरी, प्लम, रिच कोरल और डीप रोज जैसे शेड चेहरे पर स्पष्ट और संतुलित रंग दे सकते हैं। बहुत हल्के पिंक या पीच शेड कई बार त्वचा पर फीके या ऐशी दिखाई दे सकते हैं, इसलिए ज्यादा गहराई वाले रंग से शुरुआत करना उपयोगी हो सकता है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि किसी स्किन टोन के लिए कोई एक रंग तय है। सही ब्लश वह है जो आपकी त्वचा के अंडरटोन, बाकी मेकअप और आपकी पसंद के साथ स्वाभाविक लगे।
सिर्फ शेड नहीं, ब्लश का फॉर्मूला भी देखें
नेचुरल ग्लो के लिए ब्लश का टेक्सचर भी महत्वपूर्ण है। क्रीम और लिक्विड ब्लश त्वचा में आसानी से ब्लेंड होकर फ्रेश या ड्यूई फिनिश दे सकते हैं, जबकि पाउडर ब्लश बिल्डेबल होता है और ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन पर सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
अगर त्वचा ड्राई है और आपको हल्का ग्लो चाहिए तो क्रीम फॉर्मूला पर विचार किया जा सकता है। वहीं ऑयली स्किन पर पाउडर फॉर्मूला अधिक सुविधाजनक लग सकता है। लेकिन यह कोई सख्त नियम नहीं है और फिनिश का चुनाव आपकी पसंद पर भी निर्भर करता है।
ब्लश को नेचुरल दिखाने का आसान तरीका
ब्लश लगाते समय सीधे बहुत ज्यादा प्रोडक्ट लगाने के बजाय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें और जरूरत के हिसाब से रंग बढ़ाएं। मेकअप आर्टिस्ट्स भी ब्लश को धीरे-धीरे बिल्ड करने की सलाह देते हैं, क्योंकि ज्यादा प्रोडक्ट को बाद में कम करना मुश्किल हो सकता है।
शेड को अपनी प्राकृतिक रंगत से मिलाने का एक आसान तरीका यह है कि गालों को हल्के से पिंच करने पर जो प्राकृतिक रंग दिखाई देता है, उसके आसपास का ब्लश शेड देखा जाए। इसे चेहरे पर हल्के हाथ से ब्लेंड करने पर परिणाम अधिक सहज लग सकता है।
आखिर में ब्लश चुनने का कोई एक सख्त नियम नहीं है। स्किन टोन और अंडरटोन सही दिशा चुनने में मदद करते हैं, लेकिन रोशनी, मेकअप का बाकी हिस्सा और आपकी व्यक्तिगत पसंद भी यह तय करती है कि कोई शेड चेहरे पर कैसा दिखाई देगा। इसलिए खरीदने से पहले संभव हो तो शेड को प्राकृतिक रोशनी में देखकर चुनना बेहतर है।













