किसान आंदोलन: रेलवे ने रद्द की ये ट्रेनें, कई ट्रेनों का रूट बदला, देखें लिस्ट
रेलवे द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पंजाब में पिछले दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के कारण पश्चिम रेलवे (Western Railways) की कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
Posts by : Priyanka Maheshwari |
Updated on: Mon, 14 Dec 2020 5:07:42
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले 18 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के 19वें दिन यानी आज (सोमवार) किसानों की भूख हड़ताल है। सुबह 8 बजे से ही किसान नेता दिल्ली से लगे बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं और अनशन पर हैं। देश में किसानों के धरना प्रदर्शन के कारण भारतीय रेलवे (Indian Railways) की कई ट्रेनें प्रभावित हैं।
रेलवे द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पंजाब में पिछले दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के कारण पश्चिम रेलवे (Western Railways) की कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। जबकि कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। इसके इलावा कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।
Due to Kisan agitation in Punjab, train movement has been affected and hence, few trains have been diverted and certain trains have been short terminated & accordingly short originated. @drmbct
इन 4 ट्रेनों को किया रद्द
- अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस (09613) स्पेशल ट्रेन 14 दिसंबर को रद्द रहेगी - अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस (09612) स्पेशल ट्रेन 15 दिसंबर को रद्द रहेगी - डिब्रुगढ़-अमृतसर एक्सप्रेस (05211) स्पेशल ट्रेन 14 दिसंबर को रद्द रहेगी - अमृतसर-डिब्रुगढ़ एक्सप्रेस (05212) स्पेशल ट्रेन 16 दिसंबर को रद्द रहेगी
कुछ का बदला रूट
- ट्रेन नंबर 02925 बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल ट्रेन 14 दिसंबर को चंडीगढ़ में शॉर्ट टर्मिनेट हो जाएगी। - अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस (09026) स्पेशल ट्रेन 16 दिसंबर को चंडीगढ़ से ही शुरू होगी। - ट्रेन नंबर 02715 नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन 14 दिसंबर को नई दिल्ली में शॉर्ट टर्मिनेट होगी। - 16 दिसंबर को अमृतसर-नांदेड़ एक्सप्रेस (02716) नई दिल्ली से ही शुरू होगी।
6 राज्यों के किसानों ने कानूनों का किया समर्थन
आपको बता दे, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा के 10 किसान संगठनों ने कृषि कानूनों को सही बताया है और उनका समर्थन किया है। आंदोलन कर रहे किसानों के लिए तोमर ने कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। वो हमारे प्रपोजल पर अपना विचार बताएंगे तो हम निश्चित रूप से आगे बातचीत करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के प्रेसिडेंट गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि सरकार MSP पर सभी को गुमराह कर रही है। एक तरफ भाजपा यह प्रचार कर रही है कि MSP जारी रहेगी। उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर को हमारे साथ मीटिंग में कहा था कि सरकार सभी 23 फसलों को MSP पर नहीं खरीद सकती, क्योंकि इस पर 17 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।