
हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र नगर निगम और BMC चुनाव नतीजों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी नगर निगम में समर्थन देना या गठबंधन करना पार्टी का सामूहिक फैसला होगा, न कि किसी पार्षद का निजी निर्णय। ओवैसी ने AIMIM पार्षदों को अनुशासन में रहने की सख्त चेतावनी दी और साथ ही महाराष्ट्र के मतदाताओं के प्रति आभार भी जताया।
BJP या उद्धव ठाकरे गुट को समर्थन पर क्या बोले ओवैसी?
BMC में BJP या उद्धव ठाकरे गुट को समर्थन देने के सवाल पर ओवैसी ने दो टूक कहा कि इस तरह का कोई भी निर्णय पार्टी स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि AIMIM का कोई भी पार्षद अपने स्तर पर समर्थन देने या गठबंधन करने का अधिकार नहीं रखता। यदि कोई पार्षद पार्टी लाइन से हटकर कदम उठाता है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ओवैसी ने संकेत दिया कि किसी भी प्रकार के दबाव या तोड़फोड़ की राजनीति के आगे पार्टी झुकने वाली नहीं है।
‘AIMIM को तोड़ने की कोशिश हुई तो जनता देगी करारा जवाब’
ओवैसी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि AIMIM को कमजोर करने या तोड़ने की कोशिश की गई, तो जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ऐसी कोशिशें हुई थीं, लेकिन जनता ने साजिश करने वालों को करारा सबक सिखाया। ओवैसी ने भरोसा जताया कि AIMIM के सभी पार्षद पार्टी के प्रति निष्ठावान हैं और वे कहीं नहीं जाने वाले। उन्होंने सभी पार्षदों से अपील की कि पार्टी की मंजूरी के बिना कोई भी फैसला न लें।
महाराष्ट्र के कई शहरों में AIMIM का प्रभाव
ओवैसी ने चुनावी आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि BMC में AIMIM के 8 पार्षद जीतकर आए हैं। इसके अलावा औरंगाबाद में पार्टी ने 33 सीटों पर जीत दर्ज की है। अमरावती और अकोला जैसे शहरों में भी AIMIM को सफलता मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि एकनाथ शिंदे के वार्ड में भी शिवसेना (UBT) का पार्षद विजयी रहा है, जो राजनीतिक समीकरणों को दर्शाता है।
125 पार्षदों के लिए मतदाताओं का आभार
AIMIM प्रमुख ने महाराष्ट्र के उन सभी मतदाताओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने पार्टी के 125 पार्षदों को विजयी बनाया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जमीनी संघर्ष की भी सराहना की। ओवैसी ने कहा कि AIMIM की इस सफलता में सिर्फ मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि हिंदू भाई, दलित और अन्य वर्गों का भी योगदान रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी निर्वाचित पार्षद जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
पश्चिम महाराष्ट्र में प्रचार न कर पाने का मलाल
ओवैसी ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वे पश्चिम महाराष्ट्र में जाकर प्रचार नहीं कर सके। इसके बावजूद पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। उन्होंने BJP शासित राज्यों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। ओवैसी ने ओडिशा के बालासोर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि खुलेआम हत्याएं हो रही हैं।
मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप
ओवैसी ने दावा किया कि BJP शासित राज्यों में मुसलमानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बैतूल में नईम साहेब स्कूल की इमारत गिराए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका आरोप था कि कहीं-कहीं मुसलमानों की जान तक खतरे में डाली जा रही है।
पार्षदों से ओवैसी की अंतिम अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में ओवैसी ने AIMIM के सभी पार्षदों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और पार्टी के फैसले का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि AIMIM पूरी तरह एकजुट है और आगे की रणनीति सोच-समझकर तय की जाएगी। पार्टी अनुशासन और सामूहिक निर्णय ही AIMIM की सबसे बड़ी ताकत है।













