
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन खत्म होने के बाद भी ज्यादातर लोग अपना स्मार्टफोन खुद से दूर नहीं कर पाते और सोते समय उसे तकिये के नीचे या सिरहाने रख लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी-सी आदत आपके स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक फोन को सिर के पास रखकर सोना भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसी वजह से डॉक्टर सलाह देते हैं कि सोते समय मोबाइल को बेडरूम से बाहर रखना या कम से कम शरीर से दूर रखना बेहद जरूरी है।
WHO भी जता चुका है चिंता
डॉक्टरों के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही मोबाइल फोन से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन को लेकर आगाह कर चुका है। मोबाइल से उत्सर्जित रेडिएशन अगर लगातार शरीर के संपर्क में रहे, तो इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर ब्रेन ट्यूमर की आशंका ऐसे लोगों में अधिक देखी गई है, जो लंबे समय तक फोन को सिर के बेहद करीब रखते हैं। इसलिए सिरहाने फोन रखकर सोना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
ब्लू लाइट बिगाड़ती है नींद का संतुलन
मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट भी एक बड़ी समस्या है। यह लाइट आपके दिमाग को आराम की स्थिति में जाने नहीं देती। सोने से पहले फोन देखने से दिमाग शांत होने के बजाय ज्यादा सक्रिय हो जाता है। नतीजतन, नींद आने में देरी होती है और नींद की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है। लगातार खराब नींद आगे चलकर कई शारीरिक और मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती है।
आपका ध्यान भटकाने के लिए डिजाइन किया गया फोन
असल में, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ऐप्स जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि वे आपका ध्यान लगातार अपनी ओर खींचते रहें। नोटिफिकेशन, रील्स और स्क्रॉलिंग की आदत आपको असल दुनिया से धीरे-धीरे दूर ले जाती है। आपको एहसास भी नहीं होता और आप घंटों स्क्रीन में उलझे रहते हैं।
हम अक्सर इस खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि फोन का जरूरत से ज्यादा और गलत तरीके से इस्तेमाल हमें धीरे-धीरे बीमारियों की ओर धकेल रहा है। यह एक ऐसे ‘खामोश दुश्मन’ की तरह है, जो पीछे से हमला करता है और हमें इसकी भनक तक नहीं लगती। इसलिए अगर आप अपनी सेहत और भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सोते समय मोबाइल को खुद से दूर रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।












