
झुंझुनूं जिले के सरकारी स्कूल में पिछले छह दिन से भूगोल शिक्षक अनिल कुमार के ट्रांसफर के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों के सामने शिक्षक खुद भावुक हो गए। सूरजगढ़ उपखंड की अगवाना खुर्द पंचायत के स्कूल में यह नजारा तब देखने को मिला जब शिक्षक ने हाथ जोड़कर घुटनों के बल बैठकर छात्रों से अपील की। उन्होंने कहा, "बच्चों, धरना खत्म करो, ये मेरे लिए गुरु दक्षिणा होगी।"
टीसी कटवाने की धमकी तक दे बैठे छात्र
धरने पर बैठे छात्रों ने यह साफ कर दिया था कि शिक्षक के स्कूल में लौटने तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। अधिकारियों की समझाइश और मनाने की कोशिशें भी काम नहीं आईं। कुछ छात्रों ने तो टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) कटवाने के लिए आवेदन तक दे दिए। छात्रा ने कहा, "जब तक गुरु वापस नहीं आएंगे, हम स्कूल की दहलीज भी पार नहीं करेंगे।" कई छात्रों की आंखें नम थीं और कुछ रो भी पड़े।
शिक्षक ने समझाया, ट्रांसफर है सामान्य प्रक्रिया
भूगोल शिक्षक अनिल कुमार ने छात्रों की भावनाओं को समझते हुए कहा कि उनका ट्रांसफर शिक्षा विभाग की सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन भावनाओं में डूबे छात्र और आक्रोशित अभिभावक इसे नहीं मान पा रहे थे।
अभिभावकों का आरोप: मनमाने तबादले बच्चों की पढ़ाई पर असर डालते हैं
अभिभावकों ने कहा कि अचानक और मनमाने ट्रांसफर से गांव के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका मानना है कि एक अच्छे शिक्षक का असमय स्थानांतरण न केवल पढ़ाई पर बल्कि बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी असर डालता है।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें शिक्षक की भावुकता और छात्रों की दृढ़ता दोनों ही साफ झलक रही है। स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग अब इस मामले को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।














