जम्मू कश्मीर में घटनाक्रम लगातार तेजी से बदल रहा है। यह घटनाक्रम कश्मीर में 10 हजार और इसके बाद 28 हजार सुरक्षाबल भेजने के सरकार के फैसले के साथ शुरु हुआ। इसके बाद अमरनाथ यात्रा पर गए लोगों को जल्द से जल्द लौटने की एडवाइजरी जारी की गई और यात्रा को रद्द कर दिया गया। उसके बाद आज जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर में धारा 144 लागू कर दी गई है। संचार के सभी माध्यमों, मोबाइल, इंटरनेट, ब्रांडबैंड और लैंडलाइन को बंद कर दिया गया है। वही श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया गया है। इन दोनों नेताओं के अलावा कांग्रेस के नेता उस्मान माजिद और सीपीआई(एम) के विधायक एमए तारिगामी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कश्मीर के हालात को लेकर हर कोई चिंता में है। इस बीच कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दुस्साहस पूर्ण कार्रवाई की चेतावनी पहले ही दे रही थी। चिदम्बरम ने कहा कि लगता है कि सरकार अब ऐसा करने पर अड़ गई है।
I had warned of a misadventure in J&K. It seems the government is determined to embark upon one.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 5, 2019
The house arrest of J&K l
पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पी चिदम्बरम ने कहा कि कश्मीर के नेताओं की नजरबंदी लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने जैसा है। चिदम्बरम ने ट्वीट किया, 'जम्मू-कश्मीर के नेताओं को घर में नजरबंद किया जाना इस बात का सिग्नल है कि सरकार अपने मकसद को हासिल करने के लिए सभी लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों को कुचल देगी। मैं उनकी नजरबंदी की आलोचना करता हूं।'
एक दूसरे ट्वीट में चिदम्बरम ने कहा है कि दिन खत्म होने से पहले ही हमें बता दिया जाएगा क्या जम्मू-कश्मीर में कुछ गंभीर संकट होने वाला है। मैं इंतजार कर रहा हूं।बता दे, जम्मू कश्मीर की मौजूदा हालत पर आज दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। सुबह 9:30 बजे प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक बुलाई है। बैठक के एजेंडे को पूरी तरह से टॉप सीक्रेट रखा गया है और इसे सीधे कैबिनेट में लाया जाएगा। लेकिन खबर है कि कैबिनेट की इस बैठक में कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा हो सकती है और कुछ महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। आज होने वाली कैबिनेट बैठक से पहले रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नेशीर्ष अधिकारियो के साथ बैठक की थी। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, गृह सचिव राजीव गौबा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख अरविंद कुमार, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख सामंत कुमार गोयल और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि अमित शाह ने सुरक्षा मामले को लेकर बैठक की है। हालांकि इस बैठक को भी कश्मीर की हलचल से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि मोदी मंत्रीमंडल की बैठक आम तौर पर बुधवार को होती है। लेकिन, इस बार सोमवार को बैठक बुलाई है।














