बीते दिन सिंघु बॉर्डर पर 40 से अधिक किसान संगठनों की बैठक हुई, जिसमें सरकार के प्रस्ताव को नकार दिया गया। किसानों ने सरकार को लिखकर नया प्रस्ताव देने की बात कही है, जिसपर विचार किया जाएगा। इस बीच आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) किसानों के पक्ष में 10:45 बजे विजय चौक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे। राहुल गांधी के नेतृत्व में अन्य कांग्रेसी सांसद भी इसमें हिस्सा लेंगे। जिसके बाद करीब दो करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला पत्र राष्ट्रपति को सौंप कानून वापसी की अपील होगी। ये मुलाकात सुबह करीब 11:30 पर होगी।
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘भीषण सर्दी के बीच किसान 27 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तक 44 किसानों की जान जा चुकी है। अहंकारी मोदी सरकार ने पहले किसानों को दर्द दिया और अब उसके मंत्री किसानों का अपमान भी कर रहे हैं।’
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पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में यह आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पहले ‘कृषि विरोधी कानून’ बनाकर किसानों को दर्द दिया और अब उसके मंत्री अन्नदाताओं का अपमान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि विरोधी कानूनों को लेकर चल रहे सतत विरोध को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था। इन कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में करीब दो करोड़ लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं।
आपको बता दे, कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को दिल्ली की सड़कों पर डटे एक महीना हो गया है। सरकार की ओर से ताजा संशोधनों का प्रस्ताव भी किसानों ने ठुकरा दिया है, किसानों का कहना है कि सरकार बिना किसी शर्त के साथ बातचीत की टेबल पर आए। किसानों की ओर से अब भी तीनों कानून वापसी की मांग की जा रही है। दूसरी ओर आज किसानों के मसले पर ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष मार्च निकालने जा रहा है।