
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 26वां दिन है। कृषि कानूनों के विरोध में अपने आंदोलन को तेज करते हुए किसान यूनियनों ने सभी प्रदर्शन स्थलों पर आज (21 दिसंबर) एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। हरियाणा में 25 से 27 दिसंबर तक टोल फ्री किए जाएंगे। किसानों ने रविवार को ये ऐलान किया। इसके 5 घंटे बाद ही सरकार ने बातचीत के न्योते की चिट्ठी भेज दी। इसमें तारीख तय करने के लिए किसानों से ही कहा गया है। किसान आज इस पर फैसला लेंगे। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक या दो दिन में प्रदर्शनकारी समूहों से उनकी मांगों पर बातचीत कर सकते हैं। दूसरी ओर किसान नेताओं ने रविवार को कुंडली बॉर्डर पर बैठक के बाद ऐलान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 दिसंबर को जितनी देर मन की बात करेंगे, किसान ताली-थाली बजाएंगे। किसान नेताओं ने कहा है कि 'हम सभी से अपील करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम के दौरान 27 दिसंबर को जब तक वो बोलते रहें, सभी अपने घरों से थाली बजाएं।'
पंजाब और हरियाणा के किसानों ने रविवार को श्रद्धांजलि दिवस भी मनाया और उन किसानों को श्रद्धांजलि दी जिनकी मौत जारी आंदोलन के दौरान हुई है। किसान संगठनों ने दावा किया है कि आंदोलन में शामिल 30 से अधिक किसानों की दिल का दौरा पड़ने और सड़क दुर्घटना जैसे विभिन्न कारणों से मौत हुई है। किसानों ने कुछ स्थानों पर ‘अरदास’ भी की।
Delhi: As farmers' protest against Centre's three farm laws enters 26th day at Singhu border (Delhi-Haryana border), farmers say they'll sit on relay hunger strike from today
— ANI (@ANI) December 21, 2020
"Everyday 11 farmers will sit on hunger strike for 24 hours," says Balwant Singh, Secretary, BKU Punjab pic.twitter.com/hHarNjpRNE
किसानों की देशभर के लोगों से अपील
23 दिसंबर को किसान दिवस है। किसान संगठनों ने अपील की है कि इस दिन देशभर के लोग एक दिन का उपवास रखें। 26 और 27 दिसंबर को किसान NDA में शामिल दलों के नेताओं से मिलकर उनसे अपील करेंगे कि वो सरकार पर दबाव डालें और तीनों कानून वापस करवाएं। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। अदाणी-अंबानी का बायकॉट जारी रहेगा। आढ़तियों पर छापेमारी के विरोध में किसान इनकम टैक्स ऑफिसों के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे।
इन संगठनों के नेता भूख हड़ताल पर रहेंगे...
- जय किसान आन्दोलन की रविंदरपाल कौर गिल
- भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह दलेवाल
- कुलदीप सिंह दयाला, वित्त सचिव, दोआबा किसान यूनियन पंजाब
- भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष फुरमान सिंह संधू
- बूटा सिंह चक्र, राज्य नेता, पंजाब किसान यूनियन
- डेमोक्रेटिक किसान सभा पंजाब के अध्यक्ष डॉ। सतनाम सिंह अजनाला
- क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला
- कीर्ति किसान यूनियन के भूपिंदर सिंह लोंगोवाल
- दोआबा किसान समिति के अध्यक्ष जंगबीर सिंह चौहान
- दोआबा किसान संघर्ष समिति के मुकेश चंद्र
- कुल हिंद किसान सभा (बलनवाल) के बलजीत सिंह
- लोक इंसाफ वेलफेयर के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा
प्रदर्शन में ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) भी जुड़ेगा
उधर, केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) भी जुड़ेगा। किसान रैली आज नासिक से शुरू होगी और 22 दिसंबर को धुले में एक जनसभा होगी। किसान 1266 किमी की यात्रा कर दिल्ली पहुंचेंगे और 24 दिसंबर को प्रदर्शन में शामिल होंगे। किसान अपने साथ राशन लेकर आएंगे ताकि अधिक समय तक ठहर सकें। किसान दोपहर 1 बजे दिल्ली के लिए निकलेंगे।














