न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

कुतप काल होता हैं श्राद्ध का सर्वश्रेष्ठ समय, पितृगण होते हैं संतुष्ट

कुतप काल के दौरान किया गया श्राद्ध पितृगण को संतुष्टि दिलाता हैं।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Fri, 04 Sep 2020 7:18:11

कुतप काल होता हैं श्राद्ध का सर्वश्रेष्ठ समय, पितृगण होते हैं संतुष्ट

श्राद्ध पक्ष के सोलह दिन का शास्त्रों और पुराणों में बड़ा महत्व माना जाता हैं। इन दिनों को दिनों में पितृगणों की तृप्ति के लिए और ब्राह्मण भोजन के लिए जाना जाता हैं। सभी श्राद्ध के नियमों का पालन कर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्राद्ध के तर्पण का भी शुभ समय होता हैं। कुतप काल के दौरान किया गया श्राद्ध पितृगण को संतुष्टि दिलाता हैं। श्राद्ध के भी कई प्रकार होते हैं जैसे नान्दी श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध एवं मासिक श्राद्ध आदि किन्तु श्राद्ध पक्ष के सोलह दिनों में तिथि अनुसार श्राद्ध करने से अनन्त गुना फ़ल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कि किस समय किया गया श्राद्ध अनंत फ़लदायी होता है।

कुतप काल होता हैं श्राद्ध का सर्वश्रेष्ठ समय, पितृगण होते हैं संतुष्ट

श्राद्ध पक्ष के सोलह दिनों में सदैव कुतप बेला में ही श्राद्ध संपन्न करना चाहिए। दिन का आठवां मुहूर्त कुतप काल कहलाता है। दिन के अपरान्ह 11:36 मिनिट से 12:24 मिनिट तक का समय श्राद्ध कर्म के विशेष शुभ होता है। इस समय को कुतप काल कहते हैं। इसी समय पितृगणों के निमित्त धूप डालकर, तर्पण, दान व ब्राह्मण भोजन कराना चाहिए।

शास्त्रों में गजच्छाया योग में श्राद्ध कर्म करने से अनन्त गुना फ़ल बताया गया है। गजच्छाया योग कई वर्षों बाद बनता है इसमें किए गए श्राद्ध का अक्षय फ़ल होता है। गजच्छाया योग तब बनता है जब सूर्य हस्त नक्षत्र पर हो और त्रयोदशी के दिन मघा नक्षत्र होता है। यदि यह योग महालय (श्राद्धपक्ष) के दिनों में बन जाए तो अत्यंत शुभ होता है।

कुतप काल होता हैं श्राद्ध का सर्वश्रेष्ठ समय, पितृगण होते हैं संतुष्ट

श्राद्ध में इन नियमों का भी करें पालन

- पितरों के निमित्त सारी क्रियाएं गले में दाएं कंधे मे जनेउ डाल कर और दक्षिण की ओर मुख करके की जाती है।
- श्राद्ध का समय हमेशा जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लग जाए तब उचित होता है, अर्थात दोपहर के बाद ही शास्त्र सम्मत है। सुबह-सुबह अथवा 12 बजे से पहले किया गया श्राद्ध पितरों तक नहीं पहुंचता है। ऐसे में पितर नाराज हो सकते हैं।
- श्राद्ध के दिन लहसुन, प्याज रहित सात्विक भोजन ही घर की रसोई में बनना चाहिए।
- उड़द की दाल, बडे, चावल, दूध, घी से बने पकवान, खीर, मौसमी सब्जी जैसे तोरई, लौकी, सीतफल, भिण्डी कच्चे केले की सब्जी ही भोजन में मान्य है।
- आलू, मूली, बैंगन, अरबी तथा जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां पितरों को नहीं चढ़ती है।
- श्राद्ध के नाम पर सुबह-सुबह हलवा- पूरी बनाकर मन्दिर में और पंडित को देने से श्राद्ध का फर्ज पूरा नहीं होता है। ऐसे श्राद्धकर्ता को उसके पितृगण कोसते हैं क्योंकि उस थाली को पंडित भी नहीं खाता है बल्कि कूड़ेदान में फेंक देता है। जहां सूअर, आवारा कुत्ते आदि उसे खाते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में बड़ा एक्शन, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में बड़ा एक्शन, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली में चला बुलडोजर, शालीमार बाग में 300 से अधिक मकानों पर कार्रवाई; सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत हो रही तोड़फोड़
दिल्ली में चला बुलडोजर, शालीमार बाग में 300 से अधिक मकानों पर कार्रवाई; सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत हो रही तोड़फोड़
Facebook, Instagram और WhatsApp के प्रीमियम फीचर्स अब होंगे पेड? Meta ने पेश किए नए सब्सक्रिप्शन प्लान
Facebook, Instagram और WhatsApp के प्रीमियम फीचर्स अब होंगे पेड? Meta ने पेश किए नए सब्सक्रिप्शन प्लान
'हेलमेट ने बचाई जान, शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान'... अभिषेक बनर्जी हमले के बाद ममता ने BJP और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
'हेलमेट ने बचाई जान, शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान'... अभिषेक बनर्जी हमले के बाद ममता ने BJP और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
बालकनी से झुककर पड़ोसी की वीडियो बनाता शख्स वायरल, सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स, गिरफ्तारी की उठी मांग
बालकनी से झुककर पड़ोसी की वीडियो बनाता शख्स वायरल, सोशल मीडिया पर भड़के यूजर्स, गिरफ्तारी की उठी मांग
दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया के घर आई डबल खुशखबरी, जुड़वां बेटों के साथ हुआ भव्य स्वागत; वीडियो पर फैंस ने लुटाया प्यार
दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया के घर आई डबल खुशखबरी, जुड़वां बेटों के साथ हुआ भव्य स्वागत; वीडियो पर फैंस ने लुटाया प्यार
शाम की चाय के साथ बनाएं बाजार जैसे क्रिस्पी स्प्रिंग रोल, स्वाद ऐसा कि बच्चे से लेकर बड़े तक मांगेंगे बार-बार
शाम की चाय के साथ बनाएं बाजार जैसे क्रिस्पी स्प्रिंग रोल, स्वाद ऐसा कि बच्चे से लेकर बड़े तक मांगेंगे बार-बार
क्या आपने सुनी 'वैभव सूर्यवंशी चालीसा'? सोशल मीडिया पर छाया अनोखा वीडियो, फैंस बार-बार कर रहे प्ले
क्या आपने सुनी 'वैभव सूर्यवंशी चालीसा'? सोशल मीडिया पर छाया अनोखा वीडियो, फैंस बार-बार कर रहे प्ले
क्या आपने पी है रागी अंबली? प्रोबायोटिक्स से भरपूर यह साउथ इंडियन ड्रिंक पेट को रखती है ठंडा, जानें रेसिपी
क्या आपने पी है रागी अंबली? प्रोबायोटिक्स से भरपूर यह साउथ इंडियन ड्रिंक पेट को रखती है ठंडा, जानें रेसिपी
वैभव की तूफानी पारी भी नहीं बचा सकी राजस्थान को, इन 5 खिलाड़ियों की नाकामी बनी हार की सबसे बड़ी वजह
वैभव की तूफानी पारी भी नहीं बचा सकी राजस्थान को, इन 5 खिलाड़ियों की नाकामी बनी हार की सबसे बड़ी वजह
सुबह खाली पेट जीरा और अजवाइन का पानी पीने के फायदे, जानिए सेहत पर इसके चमत्कारी असर
सुबह खाली पेट जीरा और अजवाइन का पानी पीने के फायदे, जानिए सेहत पर इसके चमत्कारी असर
इतिहास भी बनाया और दिल भी टूटा, IPL 2026 में तीन बार शतक से चूके वैभव सूर्यवंशी
इतिहास भी बनाया और दिल भी टूटा, IPL 2026 में तीन बार शतक से चूके वैभव सूर्यवंशी
चलते समय घुटनों से आ रही 'कट-कट' की आवाज़? दूध में मिलाकर पिएं ये चीजें, जोड़ों के दर्द और जकड़न से मिलेगी राहत
चलते समय घुटनों से आ रही 'कट-कट' की आवाज़? दूध में मिलाकर पिएं ये चीजें, जोड़ों के दर्द और जकड़न से मिलेगी राहत
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के कायल हुए सचिन, बोले- टेस्ट क्रिकेट में भी देखना चाहता हूं इसका कमाल
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के कायल हुए सचिन, बोले- टेस्ट क्रिकेट में भी देखना चाहता हूं इसका कमाल