
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अपनी कड़ी चेतावनी दोहराई है। उन्होंने कहा कि अगर वहां की अंतरिम सरकार अमेरिका की शर्तों का पालन नहीं करती, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने बताया कि फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की निगरानी और नियंत्रण में स्थिति है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे वेनेजुएला में पुनः कार्रवाई कर सकते हैं।
‘हालात हमारे नियंत्रण में हैं’ – ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद अमेरिकी स्थिति मजबूत हो गई है। उनका दावा है कि ज़मीनी हालात पर अब अमेरिका का प्रभाव है। ट्रंप ने यह भी जोड़ा, "मुझसे मत पूछिए कि वहां कौन जिम्मेदार है, क्योंकि इसका जवाब विवाद पैदा कर सकता है।" इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका पूरे हालात पर नजर रखे हुए है और आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार है।
दूसरी सैन्य कार्रवाई का विकल्प
ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिका दूसरी सैन्य स्ट्राइक के लिए पूरी तरह तैयार था। उन्होंने कहा, "हमारे पास ऑपरेशन की पूरी योजना थी, लेकिन फिलहाल ऐसा करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।" हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर हालात अनियंत्रित हुए, तो दूसरा ऑपरेशन विकल्प के रूप में हमेशा मौजूद रहेगा।
ऑपरेशन में हेलिकॉप्टर हुआ क्षतिग्रस्त
अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन के दौरान एक हेलिकॉप्टर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। ट्रंप ने बताया कि सभी अमेरिकी सैनिक सुरक्षित हैं और किसी की मृत्यु नहीं हुई। घायल सैनिकों की स्थिति स्थिर है और उनका इलाज किया जा रहा है।
वेनेजुएला को ‘मरा हुआ देश’ बताया
ट्रंप ने वेनेजुएला को इस समय "मरा हुआ देश" करार दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चली गलत नीतियों और कमजोर प्रशासन ने देश को तबाह कर दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला का तेल उत्पादन बहुत कम स्तर पर है, और अमेरिका को वहां के तेल और अन्य संसाधनों तक पूर्ण पहुँच चाहिए।
ईरान को भी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की सरकार को भी चेतावनी दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका ईरान में प्रदर्शन कर रहे नागरिकों की मदद करेगा और अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।
वेनेजुएला में तेल ढांचे के लिए निवेश की योजना
ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के तेल ढांचे को पुनः खड़ा करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी तेल कंपनियां इसके लिए तैयार हैं। ट्रंप ने बताया कि यह तेल ढांचा पहले अमेरिकी कंपनियों द्वारा विकसित किया गया था, जिसे बाद में उनसे छीन लिया गया।
कैरेबियन में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती
ब्रिटिश अखबार गार्जियन के मुताबिक, अमेरिका ने कैरेबियन क्षेत्र में लगभग 15 हजार सैनिक तैनात किए हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अमेरिका की मांगों का पालन नहीं करती हैं, तो अमेरिकी प्रशासन वेनेजुएला में दोबारा हस्तक्षेप कर सकता है।














