
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई को 17 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक इस संघर्ष का कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है। हालांकि, अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही इस युद्ध में जीत का दावा कर सकते हैं। फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम नतीजा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले दिनों में ईरान किस तरह की रणनीति अपनाता है।
युद्ध जारी रहने की आशंका
वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईरान इस लड़ाई को जारी रखता है, समुद्री जहाजों पर हमले बंद नहीं करता या अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देता रहता है, तो इस संघर्ष के जल्द खत्म होने की संभावना कम है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है और उसकी कई मिसाइल क्षमताएं कमजोर हो चुकी हैं। इसके अलावा, उसके कुछ शीर्ष सैन्य नेताओं के मारे जाने की भी खबरें हैं।
ट्रंप का लक्ष्य अभी अधूरा
हालांकि सैन्य स्तर पर कुछ बढ़त के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ट्रंप का मुख्य राजनीतिक उद्देश्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कई बार ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कही थी, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा कोई संकेत नहीं दिख रहा है।
इसके उलट, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बनाए रखते हुए वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अभी भी स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ने की क्षमता रखता है, जिससे यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।
अमेरिका के भीतर भी बढ़ रही चिंता
इस युद्ध का असर अब अमेरिका के घरेलू हालात पर भी साफ नजर आने लगा है। हमलों के बाद पेट्रोल की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, किसानों के लिए उर्वरक महंगे हो गए हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है।
साथ ही, युद्ध में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जो सरकार के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
ट्रंप के लिए बढ़ती राजनीतिक चुनौती
इन परिस्थितियों ने ट्रंप के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उनकी अपनी पार्टी के कुछ नेता भी अब इस युद्ध को समाप्त करने और देश की आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
खास बात यह है कि इसी वर्ष अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में यह संघर्ष ट्रंप की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह जंग किस दिशा में जाती है और इसका वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ता है।













