न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

'भारत ने वर्षों तक अमेरिकी बाजार से लाभ कमाया, अब तस्वीर बदल गई है' - ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने वर्षों तक अमेरिकी बाजार से फायदा उठाया, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उम्मीद जताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा मित्र बताया। साथ ही अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों पर नए टैरिफ प्रस्तावों की भी चर्चा तेज कर दी है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 05 Jun 2026 8:14:36

'भारत ने वर्षों तक अमेरिकी बाजार से लाभ कमाया, अब तस्वीर बदल गई है' - ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच जल्द व्यापार समझौता होने की संभावना जताते हुए कहा है कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें अपना अच्छा मित्र बताया, लेकिन साथ ही भारत की व्यापारिक नीतियों पर भी सवाल उठाए।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि लंबे समय तक भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे आयात शुल्क लगाए, जबकि अमेरिका को समान स्तर का लाभ नहीं मिला। उनके अनुसार अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अमेरिका पहले की तुलना में भारत के साथ व्यापार से अधिक आर्थिक फायदा उठा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की सराहना, लेकिन व्यापार पर जताई नाराजगी

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह भारत को इसके लिए दोषी नहीं मानते, बल्कि अमेरिका की पिछली नीतियों को जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना था कि वर्षों तक अमेरिका ने ऐसे व्यापारिक समझौते किए जिनसे दूसरे देशों को ज्यादा लाभ मिला।

उन्होंने कहा, “भारत ने कई वर्षों तक अमेरिकी बाजार का लाभ उठाया। भारतीय टैरिफ काफी ऊंचे थे और अमेरिकी उत्पादों को वहां प्रतिस्पर्धा में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब हालात पहले जैसे नहीं हैं। अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा राजस्व अर्जित कर रहा है। मुझे विश्वास है कि दोनों देश जल्द ही किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे।”

ट्रंप ने बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध बेहद अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के साथ उनकी अच्छी समझ है और यही कारण है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है।

अमेरिका ने नए टैरिफ प्रस्तावों पर बढ़ाई चर्चा

इसी बीच अमेरिका में कई देशों से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। मंगलवार को पेश किए गए प्रस्ताव के तहत कुछ देशों से आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत से लेकर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कई देशों से आने वाले कुछ उत्पादों के निर्माण में कथित तौर पर जबरन श्रम का इस्तेमाल किया जाता है। इसी आधार पर व्यापारिक नियमों को और सख्त करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

भारत समेत 54 देशों का नाम सूची में शामिल

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने 54 देशों की एक सूची जारी की है, जिसमें भारत का नाम भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन देशों ने ऐसे नियमों को पर्याप्त रूप से लागू नहीं किया है, जिनका उद्देश्य जबरन मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात को रोकना है।

इस सूची में भारत के अलावा चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, कतर, रूस और कई अन्य देशों के नाम भी शामिल किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इन देशों को श्रम मानकों से जुड़े नियमों को और प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।

किन देशों पर कितना अतिरिक्त शुल्क लग सकता है?

यूएसटीआर के प्रस्ताव के अनुसार जिन देशों में पहले से कुछ श्रम संबंधी नियम मौजूद हैं या जिन्होंने व्यापार समझौतों के तहत ऐसे नियम लागू करने का वादा किया है, उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।

वहीं जिन देशों में ऐसे नियमों की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी गई है, उनके उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले उत्पादों के लिए सख्त मानक तय करना बताया जा रहा है।

प्रस्ताव में कपड़ा और वस्त्र क्षेत्र से जुड़ा एक विशेष प्रावधान भी शामिल है। इसके तहत कुछ देशों को निर्धारित मात्रा में टेक्सटाइल और वस्त्र उत्पाद कम शुल्क दरों पर अमेरिका भेजने की अनुमति दी जा सकती है।

किस कानूनी प्रावधान के तहत उठाया गया कदम?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार यह पूरी कार्रवाई 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के अंतर्गत की जा रही है। यह कानून अमेरिका को उन देशों के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने का अधिकार देता है, जिनकी नीतियों या व्यापारिक प्रक्रियाओं को वह अमेरिकी हितों के प्रतिकूल मानता है।

यूएसटीआर का कहना है कि यदि कोई देश जबरन श्रम से जुड़े उत्पादों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाता है, तो उसके खिलाफ व्यापारिक प्रतिबंध या अतिरिक्त शुल्क लगाए जा सकते हैं।

कुछ अर्थव्यवस्थाओं पर विशेष नजर

अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को विशेष रूप से चिन्हित भी किया है। यूएसटीआर के मुताबिक कुछ देशों ने जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर रोक संबंधी नियमों को अपेक्षित स्तर पर लागू नहीं किया है।

इनमें यूरोपीय संघ, पाकिस्तान और कनाडा जैसी अर्थव्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है। अमेरिका का कहना है कि इन देशों की नीतियों और नियामक ढांचे की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे अतिरिक्त व्यापारिक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते पर नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे समय में जब दोनों देश आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं, ट्रंप के बयान और प्रस्तावित टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार जगत में नई बहस को जन्म दे सकती है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत