
मध्य-पूर्व में छिड़े ताजा सैन्य टकराव ने अब हवाई यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान की शुरू हुई जवाबी कार्रवाई ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर दिया। संयुक्त हमलों के प्रतिउत्तर में तेहरान ने इजरायल के अलावा कतर, कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों पर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद कई देशों ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया।
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया है। हजारों फ्लाइट्स रद्द होने से लाखों यात्री फंसे हुए हैं। रविवार तक हालात ऐसे रहे कि इजरायल-ईरान तनाव के चलते बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें कैंसिल करनी पड़ीं। एयरलाइंस कंपनियां वैकल्पिक रूट तलाशने में जुटी हैं, जबकि कई विमानों को बीच रास्ते से ही मोड़ना पड़ा।
दुबई, अबु धाबी और दोहा में सन्नाटा
इजरायल और ईरान के बीच मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ने के बाद खाड़ी देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया। इसका सीधा असर दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में गिने जाने वाले दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पड़ा, जहां से प्रतिदिन हजारों उड़ानें संचालित होती हैं। दुबई के साथ-साथ अबु धाबी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी परिचालन रोक दिया गया है।
कतर की राजधानी दोहा का हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इस संकट से अछूता नहीं रहा। सुरक्षा कारणों से वहां उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया गया। यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल में इंतजार करना पड़ा, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पड़ोसी देशों की ओर डायवर्ट किया गया।
तेल अवीव, तेहरान और अन्य शहरों पर भी असर
इजरायल का प्रमुख तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट भी बंद कर दिया गया है। वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उड़ानों की आवाजाही रोक दी गई है। इराक के एरबिल एयरपोर्ट को भी एहतियातन बंद रखा गया है, क्योंकि क्षेत्र में मिसाइल गतिविधियों का खतरा बना हुआ है।
कुवैत और बहरीन ने भी अपने एयरपोर्ट्स पर परिचालन निलंबित करने की घोषणा की है। इन देशों ने कहा कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेबनान की राजधानी बेरूत के रफीक हरीरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गई हैं। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में स्थित क्वीन आलिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कई सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ प्रमुख एयरपोर्ट्स और उनसे जुड़े ढांचों को निशाना बनाने की कोशिश की है। हालांकि अलग-अलग देशों ने सुरक्षा कारणों से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई यातायात पर पड़ा यह असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जाएगा। यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच उड़ान भरने वाले कई प्रमुख मार्ग खाड़ी देशों के एयरस्पेस से होकर गुजरते हैं। ऐसे में लंबी दूरी की उड़ानों की समय-सारिणी और लागत दोनों पर असर पड़ सकता है।
यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति
अचानक हुए बंद और रद्दीकरण के चलते हजारों यात्री विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। कई लोगों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही है, जबकि कुछ यात्रियों को टिकट रीबुकिंग का विकल्प दिया गया है। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।
फिलहाल, मध्य-पूर्व का हवाई नक्शा तेजी से बदल रहा है। सैन्य तनाव कब थमेगा, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि क्षेत्र की अस्थिरता ने वैश्विक एविएशन सेक्टर को गहरे संकट में डाल दिया है। दुनिया की निगाहें अब आने वाले कूटनीतिक और सैन्य कदमों पर टिकी हैं।














