
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लंबे समय से सुस्त पड़े समुद्री व्यापार मार्ग Strait of Hormuz में अब हलचल फिर से लौटती दिखाई दे रही है। हाल ही में भारत के गुजरात स्थित Dahej में अपना एलएनजी कार्गो उतारने के बाद ‘उम्म अल अश्तान’ नाम का जहाज एक बार फिर सक्रिय हो गया है और अब यह संयुक्त अरब अमीरात की दिशा में आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि यह जहाज 1 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर Das Island की ओर रवाना होगा।
यह जहाज मार्च की शुरुआत में अपना माल उतारने के बाद से समुद्र में ही रुका हुआ था, जिससे यह साफ झलक रहा था कि क्षेत्र में सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित थीं। लेकिन अब इसके दोबारा सफर शुरू करने को हालात के धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष के बाद यह पहला मौका है जब कोई खाली एलएनजी जहाज दोबारा माल भरने के लिए होर्मुज के ऊपरी हिस्से की ओर बढ़ रहा है। यह व्यापारिक गतिविधियों के पुनरुद्धार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर तब जब फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में अब भी सैकड़ों मालवाहक जहाज फंसे हुए हैं।
‘उम्म अल अश्तान’ का यह सफर Das Island पर एलएनजी उत्पादन के दोबारा शुरू होने की ओर भी इशारा करता है। यह टर्मिनल सालाना करीब 60 लाख टन उत्पादन क्षमता रखता है, जो वैश्विक एलएनजी उत्पादन में लगभग 1 प्रतिशत का योगदान देता है। ऐसे में इस क्षेत्र में गतिविधियों का दोबारा शुरू होना अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए अहम माना जा रहा है।
इस जहाज का संचालन ADNOC Logistics & Services द्वारा किया जाता है, जो अबू धाबी के प्रतिष्ठित ऊर्जा समूह से जुड़ी कंपनी है। लगभग 73,100 टन की वहन क्षमता वाला यह पोत पहले भी भारत में एलएनजी की आपूर्ति कर चुका है और क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक सकारात्मक शुरुआत जरूर है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति तब मानी जाएगी जब कतर से एलएनजी लोड करने वाले कई जहाज नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरना शुरू कर देंगे। फिलहाल, यह गतिविधि बाजार को आशावादी संकेत दे रही है।
इसी क्रम में एक अन्य जहाज ‘मुबारज’ से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है, जिसने हाल ही में Das Island से एलएनजी लोड कर होर्मुज पार किया है। यह जहाज अब चीन की ओर बढ़ रहा है, हालांकि फिलहाल भारत के पश्चिमी तट के पास देखा गया है। सुरक्षा कारणों से इसने संवेदनशील क्षेत्र से गुजरते समय अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद रखा था, जिसे बाद में दोबारा चालू किया गया।
करीब 59,000 टन एलएनजी लेकर चल रहा यह जहाज भी ADNOC Logistics & Services से जुड़ा हुआ है। मूल रूप से इसे भारत में डिलीवरी करनी थी और यह उन ऊर्जा जहाजों में शामिल था, जिन्हें पहले निकासी सूची में रखा गया था।
इस बीच जापान के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई है। ‘इडेमित्सु मारू’ नामक एक तेल टैंकर हाल ही में सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है और अब वह Nagoya की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा है, जो वैश्विक आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, इन जहाजों की आवाजाही यह दर्शाती है कि दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक Strait of Hormuz पर गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट रही हैं। हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए उम्मीद की किरण जरूर लेकर आया है।














