
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने भारत सरकार पर कड़े आरोप लगाए हैं, वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की खुलकर तारीफ भी की है। अफरीदी के अनुसार राहुल गांधी एक बेहद सकारात्मक सोच रखने वाले नेता हैं, जो संवाद और भरोसे की राजनीति में विश्वास करते हैं।
अफरीदी का यह बयान उस समय आया है, जब हाल ही में खेले गए एशिया कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हराकर बड़ा झटका दिया था। मैच के बाद खिलाड़ियों के बीच हाथ न मिलाने की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया।
भारत सरकार पर आरोप और राहुल गांधी की तारीफ
एक टीवी चैनल से बातचीत में अफरीदी ने कहा, “भारत की सरकार सत्ता बचाने के लिए हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेल रही है। यह बेहद गलत मानसिकता है। इसके उलट राहुल गांधी सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं और बातचीत के जरिए समस्याओं का हल चाहते हैं। सवाल यह है कि क्या दुनिया को एक और इजरायल की जरूरत है कि आप उसी दिशा में बढ़ रहे हैं?”
उनके इस बयान ने एक बार फिर भारत-पाक रिश्तों को लेकर बहस छेड़ दी है।
हाथ न मिलाने की घटना बनी चर्चा का विषय
पिछले रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया एशिया कप मुकाबला हमेशा की तरह हाईवोल्टेज रहा। इस बार मैच क्रिकेट से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद विपक्षी दलों ने इस मैच का बहिष्कार करने की मांग की थी।
मैच के दौरान और उसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया।
भारत की शानदार जीत, पाकिस्तान की करारी हार
मैच में भारतीय गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया।
स्पिनर अक्षर पटेल ने 4 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट चटकाए।
कुलदीप यादव ने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट लिए।
वहीं वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 24 रन देकर 1 विकेट हासिल किया।
पाकिस्तानी बल्लेबाज इस तिकड़ी के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम 9 विकेट खोकर केवल 127 रन ही बना पाई।
जवाब में भारत ने 15.5 ओवर में लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
अभिषेक शर्मा ने महज 12 गेंदों पर 31 रन ठोकते हुए पाकिस्तान के स्टार गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी की जमकर पिटाई की।
जीत का अंतिम शॉट सूर्यकुमार यादव ने लगाया, जिन्होंने छक्का जड़ते ही टीम को विजयी बनाया और सीधे डगआउट की ओर बढ़ गए।
भारत की इस शानदार जीत के बाद हाथ न मिलाने का मुद्दा और भी गर्म हो गया, जिस पर अब शाहिद अफरीदी का बयान नई बहस छेड़ रहा है।














