
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला व स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क के बीच जुबानी जंग एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला इतना गंभीर हो गया कि मस्क की नागरिकता तक पर सवाल उठा दिए गए। लेकिन इसके जवाब में मस्क ने जो संयम दिखाया, उसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया।
जहां एक ओर ट्रंप ने उन्हें देश से बाहर निकालने की बात कही, वहीं मस्क ने सिर्फ 14 शब्दों में जवाब देकर खुद को उकसावे से दूर रखा। लोग हैरान थे कि मस्क जैसे बेबाक इंसान ने खुद को कैसे रोक लिया।
पूरा मामला क्या है? शुरुआत कहां से हुई…
दरअसल, यह विवाद उस समय भड़का जब ट्रंप ने सोमवार रात को मस्क पर निशाना साधते हुए कहा कि टेस्ला जैसी कंपनियां सिर्फ ईवी सब्सिडी पर टिकी हैं और इसके बिना एलन मस्क को शायद अमेरिका छोड़ना पड़े।
ट्रंप ने यहां तक कहा, "मस्क जानता है कि मैं इलेक्ट्रिक व्हीकल मैंडेट के खिलाफ हूं, फिर भी उसने मेरा समर्थन किया। सब्सिडी के बिना उसे दक्षिण अफ्रीका लौटना होगा। अमेरिका की बड़ी बचत हो सकती थी।" ट्रंप ने आरोप लगाया कि एलन मस्क को अब तक की सबसे बड़ी सरकारी सब्सिडी मिली है, और इनके बिना उनकी कंपनियां शायद चल ही न सकें।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह मस्क को देश से निकालने पर विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने दो टूक कहा, "हमें इस पर जरूर विचार करना होगा।"
ट्रंप का डोजकॉइन और ‘राक्षस’ वाला बयान
ट्रंप के इसी बयान में एक अजीब मोड़ भी आया, जब उन्होंने डोजकॉइन (DOGE) का भी जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा, "क्या हमें DOGE से इस पर गहराई से नजर डालने को नहीं कहना चाहिए? बहुत पैसा बच सकता है! एलन को शायद वापस भेजना पड़े। क्या आप जानते हैं DOGE क्या है? वह राक्षस जो एलन को वापस खाने आ सकता है। कितना भयानक होगा, है ना?" यह स्पष्ट नहीं था कि यह व्यंग्य था या किसी संस्था पर कटाक्ष, लेकिन बात ने आग जरूर पकड़ ली।
एलन मस्क की चुप्पी में छुपा गुस्सा
ऐसे तीखे हमले के बाद भी मस्क ने संयम का परिचय देते हुए बस इतना कहा, "बहुत मन कर रहा है पलटवार करने का। बहुत ज्यादा मन कर रहा है। लेकिन फिलहाल खुद को रोक रहा हूं।" इस जवाब ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। मस्क की इस पोस्ट को लाखों बार देखा गया, हजारों रीपोस्ट और लाइक हुए। लोगों ने मस्क के संयम की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने पुराना विवाद भी याद किया जब मस्क ने ट्रंप को "झूठा" कहा था। उस मामले में मस्क ने बाद में माफी भी मांगी थी।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
अब सोशल मीडिया पर बहस का नया मुद्दा है—क्या ट्रंप को एक निजी उद्योगपति पर इस तरह की टिप्पणियां करनी चाहिए?
क्या मस्क को अब चुप नहीं रहना चाहिए और ट्रंप को जवाब देना चाहिए?
क्या यह सब 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी का हिस्सा है?
मस्क की चुप्पी शायद अस्थायी हो, लेकिन उनके शब्द बता रहे हैं कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। अगले कुछ दिनों में यह टकराव और बड़ा रूप ले सकता है।
टकराव की असली वजह क्या है?
इस पूरे विवाद की जड़ एक विवादित विधेयक है जिसे लेकर मस्क और ट्रंप के बीच मतभेद हैं। तीन दिन पहले ही मस्क ने इस विधेयक की तीखी आलोचना की थी। उनका कहना था कि अगर यह कानून पास होता है तो यह “रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक आत्महत्या” जैसा होगा।
उन्होंने लिखा, "इस बिल से नौकरियां जाएंगी, और उभरते हुए इनोवेशन सेक्टर बंद हो जाएंगे।" यहां तक कि मस्क ने घोषणा कर दी कि अगर यह बिल पास होता है, तो वे ‘अमेरिका पार्टी’ नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी की शुरुआत करेंगे।
उन्होंने कहा, "देश को डेमोक्रेट और रिपब्लिकन से अलग एक ठोस विकल्प की जरूरत है, ताकि जनता की असली आवाज बन सके।" और हुआ भी वही—विधेयक किसी तरह सीनेट से पास हो गया।














