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युद्ध से पीछे हटने को तैयार नहीं पुतिन, रूस ने 'Oreshnik' मिसाइल बनाने का तेज किया काम

यूक्रेन संग युद्ध के बीच पुतिन ने फिर बढ़ाया तनाव, रूस ने खतरनाक Oreshnik हाइपरसोनिक मिसाइल का निर्माण तेज किया। अमेरिका और यूरोप तक मार करने वाली इस मिसाइल ने दुनिया की चिंता बढ़ाई है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Fri, 27 June 2025 09:32:26

युद्ध से पीछे हटने को तैयार नहीं पुतिन, रूस ने 'Oreshnik' मिसाइल बनाने का तेज किया काम

यूक्रेन संग जारी भीषण जंग को तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अभी भी किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। अब उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने पश्चिमी देशों के लिए चिंता की लकीरें और गहरी कर दी हैं।

दरअसल, रूस ने अब अपने सबसे खतरनाक माने जा रहे हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरेश्निक’ (Oreshnik) के बड़े पैमाने पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारों का मानना है कि यह मिसाइल सीधे अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर सकती है, और यही बात इसे दुनिया की सबसे खौफनाक मिसाइलों की कतार में ला खड़ा करती है।

क्या खास है ओरेश्निक में, और क्यों डराने लगी है दुनिया को?

ओरेश्निक एक इंटरमीडिएट-रेंज हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 5,500 किलोमीटर यानी करीब 3,415 मील तक बताई जा रही है। इसकी स्पीड इतनी जबरदस्त है कि इसे ट्रैक करना या रोकना मौजूदा किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए आसान नहीं होगा। इसका मतलब साफ है – ये मिसाइल न केवल यूक्रेन बल्कि यूरोप और अमेरिका तक भी आसानी से पहुंच सकती है।

रूस ने क्यों तेज की इस मिसाइल की प्रोडक्शन रफ्तार?

कुछ ही समय पहले रूस के मिलिट्री कैडेट्स को संबोधित करते हुए पुतिन ने इस बात का खुलासा किया कि ओरेश्निक मिसाइल का सीरियल प्रोडक्शन यानी बड़े पैमाने पर निर्माण अब पूरी तेजी से चल रहा है। रूस का दावा है कि यह मिसाइल एक परमाणु हथियार जैसी तबाही मचा सकती है, और मौजूदा समय में इससे बचाव का कोई पुख्ता रास्ता मौजूद नहीं है। इस मिसाइल को पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन के दिनीप्रो इलाके में इस्तेमाल किया गया था, और रूस इसे अपनी बड़ी सैन्य उपलब्धि मान रहा है।

क्या अमेरिका के लिए खुली चुनौती बन गया है रूस का यह कदम?

पिछले साल दिसंबर में पुतिन ने खुले मंच से अमेरिका को मिसाइल ड्यूल की चुनौती दी थी। यानी रूस और अमेरिका दोनों अपने-अपने मिसाइल सिस्टम की ताकत आजमाएं – यह दिखाने के लिए कि किसका सिस्टम ज्यादा ताकतवर है। इस खुली चुनौती का मकसद था अमेरिका को यह एहसास दिलाना कि अब रूस की मिसाइलें कहीं अधिक घातक और अजेय हो चुकी हैं।

हालांकि अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों की सोच कुछ अलग है। उनका मानना है कि ओरेश्निक मिसाइल की रफ्तार और रेंज वाकई खतरनाक है, लेकिन इसका वारहेड पारंपरिक है, जिसकी तबाही की क्षमता परमाणु हथियारों से काफी कम है। साथ ही, इसकी लागत बहुत अधिक है – यानी एक-एक मिसाइल पर अत्यधिक खर्च, जबकि अपेक्षाकृत कम विनाश। इसके चलते अमेरिका इसे रणनीतिक तौर पर उतना बड़ा खतरा नहीं मानता, जितना रूस इसे दिखा रहा है।

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