
फिलीपींस एक बार फिर प्रकृति के भयावह प्रकोप का शिकार बना है। मंगलवार देर रात आए भूकंप ने देश के मध्य हिस्से में भारी तबाही मचाई, जिससे दर्जनों घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। भूकंप की तीव्रता शुरुआत में 6.7 बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 6.9 किया गया। इसका केंद्र सेबू प्रांत के बोगो शहर के उत्तर-पूर्व में लगभग 19 किलोमीटर की दूरी पर था, जो ज़मीन से महज 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
इस विनाशकारी झटके से अब तक कम से कम 19 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। बोगो शहर में सबसे अधिक 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि सैन रेमिगियो नगर क्षेत्र से चार और लोगों के मरने की खबर आई है। मेडेलिन नगरपालिका ने भी एक और व्यक्ति की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि की है। भूकंप से दो पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
स्थानीय अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे मेडिकल सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ा है। सेबू प्रांतीय अस्पताल में भर्ती किए जा रहे घायलों की संख्या इतनी अधिक है कि स्टाफ की क्षमता पर असर पड़ा है। कई मरीजों को पास के शहरों में रेफर किया जा रहा है।
भूकंप का असर केवल संरचनात्मक क्षति तक ही सीमित नहीं रहा। कई शहरों और गांवों में बिजली के खंभे और लाइनें टूट गईं, जिससे रातोंरात पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। हालांकि, राष्ट्रीय ग्रिड निगम ने राहत पहुंचाते हुए बताया कि सेबू और चार अन्य प्रमुख द्वीपों में आधी रात के बाद बिजली आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल कर दी गई है।
इस आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। सड़कों पर टूटे हिस्सों की मरम्मत की जा रही है, और क्षतिग्रस्त पुलों की अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि आवश्यक आपूर्ति और चिकित्सा सहायता में कोई रुकावट न आए।
फिलीपींस, जो प्रशांत महासागर के तथाकथित "रिंग ऑफ फायर" पर स्थित है, अकसर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों का शिकार बनता है। यह क्षेत्र पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट का केंद्र माना जाता है, जहां हलचलें आम बात हैं, लेकिन इस बार का भूकंप बेहद खतरनाक साबित हुआ है।
स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित आफ्टरशॉक के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। भूकंप के बाद के झटकों का खतरा अभी टला नहीं है, जिससे दहशत का माहौल बना हुआ है।
सरकार की ओर से राहत राशि और इमरजेंसी सहायता का एलान भी किया गया है। फिलहाल प्राथमिकता घायलों की चिकित्सा, बेघर हुए लोगों को आश्रय और मूलभूत सुविधाओं की बहाली पर दी जा रही है।














