
मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी दिखाई देने लगा है। इस तनाव का प्रभाव खासतौर पर ऊर्जा संसाधनों पर पड़ रहा है, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की कमी महसूस की जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई लोग अपनी नौकरी और रोजमर्रा के काम छोड़कर सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। बावजूद इसके, कई उपभोक्ताओं को दिनभर इंतजार के बाद भी खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। सरकार लगातार लोगों से घबराहट में बुकिंग न करने की अपील कर रही है, लेकिन हालात अभी भी सामान्य होते नहीं दिख रहे।
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
एलपीजी संकट के बीच सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है। देश के अलग-अलग राज्यों में प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जो लोग अधिक कीमत पर सिलेंडर बेचने या उन्हें छिपाकर रखने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कई जगहों पर ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इस संकट का असर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी पड़ा है, जहां गैस की कमी के कारण कई प्रतिष्ठान अब इंडक्शन चूल्हों या कोयले के सहारे काम चलाने को मजबूर हो गए हैं।
भोपाल में बड़ी कार्रवाई, हजारों सिलेंडर बरामद
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने एलपीजी की जमाखोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। यहां एक बंद पड़ी गैस एजेंसी पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में सिलेंडर बरामद किए गए। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में करीब 668 सिलेंडर जब्त किए गए, जो तीन ट्रकों में रखे हुए थे। इसके अलावा जांच के दौरान 1574 ऐसे सिलेंडर भी मिले, जिनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह एजेंसी संकट के समय लोगों को अधिक कीमत पर सिलेंडर बेच रही थी।
मुंबई में भी जारी है छापेमारी अभियान
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। वर्ली इलाके में की गई एक छापेमारी के दौरान घरेलू और व्यावसायिक दोनों प्रकार के सिलेंडर बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान 5 किलो वाले 6 भरे हुए सिलेंडर और 58 खाली सिलेंडर जब्त किए गए। अधिकारियों को शक है कि यहां अवैध रूप से सिलेंडर भरकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। गैस संकट के कारण मुंबई के कई बड़े रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर अब कोयले और लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी प्रशासन सतर्क
उत्तर प्रदेश में भी एलपीजी की कमी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। मुरादाबाद में जिलापूर्ति अधिकारी ने एक गैस एजेंसी पर छापेमारी की, जहां सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद प्रशासन ने एजेंसी के गैस गोदाम को सील कर दिया। वहीं नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लोग सिलेंडर पाने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में 700 से अधिक सिलेंडर जब्त
छत्तीसगढ़ सरकार ने भी एलपीजी की जमाखोरी रोकने के लिए राज्यभर में व्यापक अभियान चलाया है। विभिन्न जिलों में करीब 102 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कुल 741 सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें सबसे अधिक 392 सिलेंडर रायपुर से बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर छिपाकर रखने और अवैध तरीके से बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। दूसरी ओर, ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद कई लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। फिलहाल आम लोगों की यह परेशानी जल्दी खत्म होती नजर नहीं आ रही है।













