
सरकार ने एक बार फिर भरोसा दिलाया है कि युद्ध की स्थिति के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में अस्थायी कठिनाई है, लेकिन यह चिंता का विषय नहीं है।
दो टैंकर एलपीजी लेकर आ रहे हैं
आगामी 16 और 17 मार्च को दो टैंकर—शिवालिक और नंदादेवी—92,700 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचेंगे। ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं और मुंद्रा व कांडला पोर्ट पर पहुंचने वाले हैं। इसके अलावा, छह एलपीजी, एक एलएनजी और चार कच्चे तेल के जहाज फारस की खाड़ी में हैं, जिनके जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की उम्मीद है।
सिलेंडर वितरण की शुरुआत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। राज्य सरकारें इसके वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। घरेलू एलपीजी उत्पादन में 30% तक की वृद्धि की गई है। एलपीजी की 60% घरेलू जरूरत आयात पर निर्भर है। सरकार ने 33 करोड़ घरेलू ग्राहकों से अपील की है कि वे एलपीजी की बजाय पीएनजी का उपयोग बढ़ाएं; 60 लाख ग्राहक तुरंत पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं।
कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी
गेल इंडिया और अन्य पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से एलपीजी व पीएनजी के सही उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाएं। महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश समेत 1400 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है और 1300 जगहों पर औचक निरीक्षण हुए हैं। सभी राज्यों को जिला स्तर पर सिलेंडर सप्लाई की निगरानी के लिए कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद का पर्याप्त स्टॉक
सरकार ने यह भी साफ किया कि घरेलू स्तर पर खाद की कोई कमी नहीं है। आगामी खरीफ सीजन के लिए देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है:
यूरिया: 62 लाख टन (पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10 लाख टन अधिक)
डीएपी: 25 लाख टन (लगभग दोगुना)
एनपीके: 56 लाख टन (पिछले साल 31 लाख टन)
पैनिक बुकिंग और स्थिति का नियंत्रण
सामान्य दिनों में रोजाना 50-55 लाख सिलेंडर बुक होते हैं, लेकिन हाल में यह संख्या 88 लाख तक पहुंच गई। सरकार ने उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बुकिंग करने की सलाह दी है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों की बुकिंग सुविधा उपलब्ध है।
सुरक्षा और पोर्ट सुविधा
फारस की खाड़ी में मौजूद सभी नाविक सुरक्षित हैं। अब तक 253 नाविकों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। सभी पोर्ट पर माल ले जाने वाले जहाजों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
एलपीजी उत्पादन और सामान्य स्थिति
देश में एलपीजी उत्पादन अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच चुका है। दिल्ली-एनसीआर में अगले एक महीने तक कमर्शियल स्तर पर बायोमास के उपयोग की अनुमति दी गई है। सरकार का दावा है कि अगले सात-दस दिन के भीतर एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
वैश्विक यूरिया टेंडर
13.5 लाख टन यूरिया के आर्डर जारी किए गए हैं, जिनमें से 90% मार्च के अंत तक पहुँचने की संभावना है।
15 मई से शुरू होने वाले खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है।
देश के 652 जिलों में खाद की बिक्री की निगरानी जारी है।













