न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

क्या सचमुच खतरे की घंटी बज रही है? हजारों एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर बढ़ रहे, NASA ने जताई चिंता

क्या पृथ्वी पर एस्टेरॉयड का खतरा बढ़ रहा है? NASA ने चेतावनी दी है कि हजारों नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स अब भी निगरानी से बाहर हैं। जानें ‘सिटी किलर’ एस्टेरॉयड, नए स्पेस टेलीस्कोप और DART मिशन से जुड़ी पूरी जानकारी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 18 Feb 2026 7:15:41

क्या सचमुच खतरे की घंटी बज रही है? हजारों एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर बढ़ रहे, NASA ने जताई चिंता

धरती पर जीवन फिलहाल सुरक्षित जरूर है, लेकिन अंतरिक्ष में मंडरा रहे खतरों को लेकर वैज्ञानिक समुदाय सतर्क है। प्लैनेटरी डिफेंस से जुड़े विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि ऐसे हजारों एस्टेरॉयड अब भी हमारी निगरानी से बाहर हैं, जो भविष्य में पृथ्वी के लिए गंभीर संकट बन सकते हैं। ये विशाल अंतरिक्षीय पिंड किसी बड़े महानगर को भारी तबाही पहुंचाने की क्षमता रखते हैं, और यही चिंता वैज्ञानिकों की नींद उड़ा रही है।

अनजाने खतरों से ज्यादा डर

एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान NASA की प्लैनेटरी डिफेंस ऑफिसर केली फास्ट ने कहा कि उन्हें उन एस्टेरॉयड से कम और उन अनजान पिंडों से ज्यादा डर लगता है, जिनकी अभी तक पहचान ही नहीं हो पाई है। उनका कहना था कि बड़े एस्टेरॉयड पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि बहुत छोटे पिंड अक्सर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर जल जाते हैं।

असल चुनौती मध्यम आकार के उन एस्टेरॉयड से है, जिनका व्यास लगभग 500 फीट के आसपास होता है। ये इतने छोटे होते हैं कि सामान्य टेलीस्कोप से पकड़ में नहीं आते, लेकिन इतने बड़े जरूर होते हैं कि किसी शहर या पूरे क्षेत्र को व्यापक नुकसान पहुंचा सकें। इसी कारण इन्हें ‘सिटी किलर’ की श्रेणी में रखा जाता है।

हजारों पिंड अब भी निगरानी से बाहर

विशेषज्ञों के अनुसार, पृथ्वी के आसपास लगभग 25,000 नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स (NEOs) मौजूद हैं, जिनमें से केवल करीब 40 प्रतिशत की ही सटीक पहचान हो पाई है। यानी लगभग 15,000 से ज्यादा एस्टेरॉयड ऐसे हैं, जिनकी लोकेशन और गति के बारे में ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इन पिंडों का आकार और संरचना इन्हें खोजने की प्रक्रिया को जटिल बना देती है। कई एस्टेरॉयड सूर्य की रोशनी को ठीक से परावर्तित नहीं करते, जिससे वे शक्तिशाली दूरबीनों की पकड़ से भी बच निकलते हैं। इसके अलावा, कुछ पिंड पृथ्वी की कक्षा के समानांतर सूर्य की परिक्रमा करते हैं, जिससे उनका पता लगाना और कठिन हो जाता है।

नई तकनीक से बढ़ेगी उम्मीद

इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक एक नई अंतरिक्ष दूरबीन लॉन्च करने की तैयारी में हैं— Near-Earth Object Surveyor। यह स्पेस टेलीस्कोप थर्मल सिग्नेचर के आधार पर काम करेगा और उन डार्क एस्टेरॉयड व धूमकेतुओं को खोजने में मदद करेगा, जो अब तक दृश्य प्रकाश आधारित टेलीस्कोप से छिपे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि हम संभावित खतरे को कितनी जल्दी पहचान पाते हैं। वैज्ञानिकों ने जोर देकर कहा है कि हमें एस्टेरॉयड के पृथ्वी के करीब आने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि पहले से उन्हें ढूंढकर उनकी दिशा बदलने की तकनीक विकसित करनी होगी।

दिशा बदलना अब भी आसान नहीं

हालांकि 2022 में DART मिशन के जरिए यह साबित किया गया कि किसी एस्टेरॉयड की कक्षा को बदला जा सकता है, लेकिन यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है। मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों ने माना कि वास्तविक खतरे की स्थिति में तुरंत सक्रिय रूप से किसी बड़े पिंड को डिफ्लेक्ट करना अभी भी बड़ी चुनौती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अभी से पर्याप्त संसाधन और अनुसंधान पर ध्यान दिया जाए तो मानवता इस संभावित खतरे के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकती है।

YR4 बना नई चिंता का कारण

वैज्ञानिकों की निगरानी में एक एस्टेरॉयड YR4 भी है, जिसे ‘सिटी किलर’ श्रेणी में रखा गया है। 2024 से यह रडार पर है और 2032 में इसके चंद्रमा से टकराने की लगभग 4 प्रतिशत संभावना जताई गई है। हालांकि यह प्रतिशत कम प्रतीत होता है, लेकिन अंतरिक्ष विज्ञान में इसे नजरअंदाज नहीं किया जाता।

कुछ विशेषज्ञों ने आपात स्थिति में परमाणु विकल्प जैसे उपायों पर भी चर्चा की है— ठीक वैसे ही जैसे हॉलीवुड फिल्म Armageddon में दिखाया गया था। हालांकि वैज्ञानिक मानते हैं कि वास्तविक दुनिया में ऐसे कदम बेहद जटिल और जोखिम भरे होंगे।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

भीड़ नहीं जुटने पर CJP की नाराजगी, प्रवक्ता बोले- '15 अगस्त को नौटंकी मत करना'
भीड़ नहीं जुटने पर CJP की नाराजगी, प्रवक्ता बोले- '15 अगस्त को नौटंकी मत करना'
दिल्ली में 108 स्कूल भवन असुरक्षित घोषित, 7 इमारतें जल्द होंगी ध्वस्त; पुराने स्कूलों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
दिल्ली में 108 स्कूल भवन असुरक्षित घोषित, 7 इमारतें जल्द होंगी ध्वस्त; पुराने स्कूलों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
'होर्मुज से तेल-गैस की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने देंगे', अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की कड़ी धमकी
'होर्मुज से तेल-गैस की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने देंगे', अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की कड़ी धमकी
गुजरात के खेड़ा में दर्दनाक हादसा, स्कूल जा रहे 11 वर्षीय छात्र पर गिरा बिजली का खंभा; मौके पर मौत, 6 बहनों का इकलौता भाई था मासूम
गुजरात के खेड़ा में दर्दनाक हादसा, स्कूल जा रहे 11 वर्षीय छात्र पर गिरा बिजली का खंभा; मौके पर मौत, 6 बहनों का इकलौता भाई था मासूम
'यह किला हिंदुओं का है, मुसलमानों का प्रवेश वर्जित', सिंहगढ़ किले पर लगे पोस्टर से मचा बवाल
'यह किला हिंदुओं का है, मुसलमानों का प्रवेश वर्जित', सिंहगढ़ किले पर लगे पोस्टर से मचा बवाल
महोबा में दिल दहला देने वाली वारदात, हाईवे पर युवक के दोनों हाथ कुल्हाड़ी से काटे; मां कपड़े में समेटती रही बेटे के अंग
महोबा में दिल दहला देने वाली वारदात, हाईवे पर युवक के दोनों हाथ कुल्हाड़ी से काटे; मां कपड़े में समेटती रही बेटे के अंग
फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में पहुंचा स्पेन, दूसरी बार खिताबी मुकाबले में बनाई जगह
फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में पहुंचा स्पेन, दूसरी बार खिताबी मुकाबले में बनाई जगह
राहु-केतु के घेरे में आए 7 ग्रह, बना कालसर्प योग, 18 जुलाई तक इन 4 राशियों के सामने रहेंगी बड़ी चुनौतियां!
राहु-केतु के घेरे में आए 7 ग्रह, बना कालसर्प योग, 18 जुलाई तक इन 4 राशियों के सामने रहेंगी बड़ी चुनौतियां!
Samsung Galaxy M47 5G हुआ और सस्ता, Amazon पर बैंक ऑफर के साथ मिल रहा शानदार डिस्काउंट
Samsung Galaxy M47 5G हुआ और सस्ता, Amazon पर बैंक ऑफर के साथ मिल रहा शानदार डिस्काउंट
डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम
डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम
प्रोटीन के बाद अब पेप्टाइड्स की चर्चा तेज, जानिए क्या हैं और क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता
प्रोटीन के बाद अब पेप्टाइड्स की चर्चा तेज, जानिए क्या हैं और क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता
एक हाथ में प्लास्टर, फिर भी सड़क पर दौड़ाई बाइक! वायरल वीडियो देख लोग बोले- 'हिम्मत है या लापरवाही?'
एक हाथ में प्लास्टर, फिर भी सड़क पर दौड़ाई बाइक! वायरल वीडियो देख लोग बोले- 'हिम्मत है या लापरवाही?'
मां-बेटे की क्यूट रील ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम, वीडियो देख लोग बोले- 'मम्मी की जय'
मां-बेटे की क्यूट रील ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम, वीडियो देख लोग बोले- 'मम्मी की जय'
FIFA World Cup 2026: स्पेन की मजबूत डिफेंस के आगे बेबस दिखे एम्बाप्पे, 34 बार गेंद छूने के बावजूद नहीं लगा सके टारगेट पर शॉट, फ्रांस का सफर सेमीफाइनल में खत्म
FIFA World Cup 2026: स्पेन की मजबूत डिफेंस के आगे बेबस दिखे एम्बाप्पे, 34 बार गेंद छूने के बावजूद नहीं लगा सके टारगेट पर शॉट, फ्रांस का सफर सेमीफाइनल में खत्म