
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर: अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर लगातार हमले जारी हैं। बुधवार को ईरान के विशाल पार्स गैस क्षेत्र पर हमला हुआ, जो इस युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में ईरानी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।
ईरान का जवाबी हमला
इस हमले के जवाब में ईरान ने चेतावनी दी कि वह सऊदी अरब, कतर और यूएई के प्रमुख तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएगा। बुधवार को सऊदी अरब के तेल क्षेत्र वाले प्रांत पर मिसाइल हमले किए गए।
सऊदी राजधानी रियाद में भी दो तेज धमाकों की आवाज़ सुनी गई, हालांकि वहाँ से आ रही चार बैलिस्टिक मिसाइलों को समय रहते नष्ट कर दिया गया। इन घटनाओं के बाद वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया। तेल की कीमतें छह प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं और शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली। इसी हमले में इज़राइल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन हवाई अड्डे पर तीन निजी विमान भी क्षतिग्रस्त हुए।
ईरान से इराक की गैस आपूर्ति रोकी गई
रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार, पार्स क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार में से एक है, जिसे ईरान कतर के साथ साझा करता है। फार्स समाचार एजेंसी ने बताया कि गैस टैंकों और रिफाइनरी के कुछ हिस्सों पर हमला हुआ, लेकिन कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया और आपातकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। इसके बाद ईरान ने इराक को गैस की आपूर्ति रोक दी।
इज़रायली मीडिया का दावा है कि यह हमला अमेरिका की सहमति से अंजाम दिया गया। कतर ने इज़राइल को दोषी ठहराया, जबकि अमेरिका की भूमिका का कोई ज़िक्र नहीं किया। क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस कतर में है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया। यूएई ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की।
ईरान की स्पष्ट चेतावनी
ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर के प्रमुख तेल और गैस प्रतिष्ठानों की सूची जारी की और कहा कि ये ठिकाने अब सीधे हमले का लक्ष्य हैं। सऊदी की समरेफ रिफाइनरी, जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई का अल हसन गैस क्षेत्र और कतर का मेसाईद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स एवं रास लफान रिफाइनरी इस सूची में शामिल हैं।
तीन सप्ताह से जारी इस संघर्ष में अमेरिका और इज़राइल पहले खाड़ी में ईरानी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला नहीं कर रहे थे। ईरान ने भी इसी वजह से अपने पड़ोसी देशों के तेल एवं गैस उद्योगों को निशाना बनाने से परहेज किया।
राजनीतिक और आर्थिक असर
ईरान पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर चुका है, जिससे विश्व का लगभग 20% तेल और एलएनजी निर्यात प्रभावित हुआ। पार्स गैस क्षेत्र पर हमला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक नया संकट पैदा कर गया है, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। अमेरिका में डीजल की कीमतें 2022 के बाद पहली बार पांच डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई हैं।
लेबनान और ईरानी हमले
इज़राइल ने लेबनान पर हमले तेज कर दिए और दक्षिण में जमीनी कार्रवाई भी शुरू की। मध्य बेरूत के बाचौरा जिले में निवासियों को एक इमारत खाली करने की चेतावनी दी गई और उसे पूरी तरह ढहा दिया गया। इज़रायली सेना ने कहा कि हिजबुल्लाह इस इमारत का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों और करोड़ों डॉलर की राशि जमा करने के लिए करता था।
इज़राइल ने ईरान के दक्षिणी फार्स प्रांत के लारेस्तान में भी एक अदालत परिसर को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए। ईरान के बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर भी मिसाइल हमला हुआ, लेकिन संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
नई पाइपलाइन और तेल निर्यात
इराक ने उत्तरी कुर्द प्रशासन के साथ समझौता कर एक नई पाइपलाइन के माध्यम से तुर्की के भूमध्यसागरीय बंदरगाह से प्रतिदिन 2.5 लाख बैरल तेल निर्यात शुरू किया। सऊदी अरब ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करते हुए अपनी तेल आपूर्ति पाइपलाइन से जारी रखी।
मोसाद एजेंट को मौत की सजा
ईरानी समाचार एजेंसी ‘मीजान’ ने बताया कि इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में कुरुश कीवानी को मौत की सजा दी गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
ईरान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन अमेरिका और सहयोगी देशों के लिए नहीं। युद्ध के दौरान कुछ जहाज इस मार्ग से गुजरने में सफल रहे, जिनमें भारत, तुर्की और अन्य देशों के जहाज भी शामिल हैं।
ट्रंप की टिप्पणी
एएनआइ के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अच्छी तरह चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए। ट्रंप ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में बमबारी से नष्ट हुई चीजों को फिर से बनाने में कम से कम दस साल लगेंगे और यह उपाय भविष्य में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं।













