
ईरान की राजधानी तेहरान एक बार फिर जोरदार धमाकों से कांप उठी। अमेरिकी-इजरायली संयुक्त एयरस्ट्राइक के बाद शहर के बीचोंबीच स्थित गांधी हॉस्पिटल को गंभीर क्षति पहुंचने की खबर है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में अस्पताल परिसर के बाहर भगदड़, चीख-पुकार और धुएं से भरा आसमान दिखाई दे रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि मेडिकल स्टाफ को तत्काल वार्ड खाली कराने पड़े।
गांधी स्ट्रीट पर मौजूद इस अस्पताल की इमारत को हुए नुकसान की तस्वीरें फुटेज में साफ नजर आती हैं। कई खिड़कियां चकनाचूर हो चुकी हैं, मुख्य द्वार के पास मलबा फैला है और आसपास खड़े वाहन भी क्षतिग्रस्त दिख रहे हैं। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी द्वारा साझा किए गए अलग-अलग वीडियो क्लिप में नर्सें नवजात और छोटे बच्चों को गोद में उठाए तेजी से बाहर की ओर भागती दिखाई देती हैं। तेज सायरन और अलार्म की आवाज के बीच वार्ड खाली कराए जा रहे थे, जिससे माहौल और भी भयावह हो गया।
#WATCH | Tasnim News footage shows Iranian nurses evacuating infants from #Tehran’s Gandhi Hospital amid #US-Israeli aggression.#Iran pic.twitter.com/oiCIi9jJLq
— Al Mayadeen English (@MayadeenEnglish) March 1, 2026
मरीजों को खुले में शिफ्ट करना पड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमले के बाद अस्पताल के भीतर रुकना सुरक्षित नहीं था। रॉयटर्स से बात करते हुए दो गवाहों ने दावा किया कि रविवार को हुए इजरायली हमलों का सीधा असर हॉस्पिटल एरिया पर पड़ा, जिससे इमारत को भारी नुकसान हुआ। हालात इतने गंभीर थे कि स्टाफ को कई मरीजों को स्ट्रेचर पर सड़क तक लाना पड़ा। कुछ मरीजों को अस्थायी तौर पर खुले में लिटाया गया, जबकि परिजन घबराकर इधर-उधर फोन मिलाते नजर आए।
वीडियो में लोग अलग-अलग दिशाओं में भागते दिखाई दे रहे हैं। किसी के हाथ में मेडिकल फाइल है, तो कोई अपने परिवार के सदस्य को ढूंढता नजर आ रहा है। बैकग्राउंड में उठता धुआं और एंबुलेंस के सायरन पूरे दृश्य को और भयावह बना देते हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले में कितने लोग घायल हुए या अस्पताल के भीतर कितनी क्षति हुई है।
उत्तरी तेहरान में देर रात धमाकों से बढ़ी दहशत
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब रविवार देर रात उत्तरी तेहरान से जोरदार विस्फोटों की खबरें आने लगीं। इजरायल की ओर से बयान दिया गया है कि एक दिन पहले अमेरिकी-इजरायली संयुक्त ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद उसका अभियान अब राजधानी के प्रमुख हिस्सों तक पहुंच चुका है। इस दावे ने क्षेत्रीय तनाव को और भड़का दिया है।
लगातार हो रहे हमलों ने घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के प्रभावित होने से लोगों में सुरक्षा को लेकर गहरा डर बैठ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात भर धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में दहशत का माहौल है।













