
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजरायल ने ईरान को एक बड़ा झटका दिया है। हालिया हवाई हमले में ईरान के शीर्ष नेता अली लारीजानी की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि लारीजानी इजरायली एयरस्ट्राइक में मारे गए। परिषद ने उन्हें "शहीद" घोषित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
हमले में बेटे और सुरक्षाकर्मियों की भी मौत
जारी बयान में कहा गया कि इस हमले में लारीजानी के बेटे और उनके अंगरक्षकों ने भी अपनी जान गंवाई। परिषद ने भावुक शब्दों में कहा कि "शहीदों की पवित्र आत्माओं ने ईश्वर के सच्चे सेवक डॉ. अली लारीजानी का स्वागत किया।" ईरान ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने इस्लामी क्रांति और देश के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। बयान में यह भी कहा गया कि उन्होंने अंततः अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया और शहादत का गौरव हासिल किया।
इजरायल का दावा और बढ़ता तनाव
इससे पहले इजरायल ने दावा किया था कि उसकी वायुसेना ने तेहरान के नजदीक एक सटीक हवाई हमले में लारीजानी को निशाना बनाया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ के अनुसार, इस हमले में बसीज मिलिशिया के एक वरिष्ठ कमांडर की भी मौत हुई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो चुका है और अमेरिका की भागीदारी के कारण क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है।
कौन थे अली लारीजानी?
अली लारीजानी ईरान की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे। वे देश की संसद के स्पीकर रह चुके थे और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार माने जाते थे। खामेनेई की मृत्यु के बाद लारीजानी को ईरान के वास्तविक शक्ति केंद्र के रूप में देखा जाने लगा था। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव के रूप में वे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभा रहे थे। उनकी अचानक मौत को ईरान की सत्ता और रणनीतिक ढांचे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।













