न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

डोनाल्ड ट्रंप को झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ नीति को बताया गैरकानूनी

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के 100 से अधिक देशों पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपातकालीन कानून का दुरुपयोग किया और टैरिफ लगाने के लिए कांग्रेस की अनुमति अनिवार्य है। इस फैसले का अमेरिकी अर्थव्यवस्था और व्यापार नीति पर गहरा असर पड़ेगा।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 20 Feb 2026 10:07:22

डोनाल्ड ट्रंप को झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ नीति को बताया गैरकानूनी

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया। शीर्ष अदालत ने ट्रंप की ओर से दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इतने व्यापक देशों पर टैरिफ लगाने के दौरान ट्रंप ने अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया। अदालत ने यह भी कहा कि ट्रंप ने राष्ट्रीय आपातकालीन परिस्थितियों के लिए बनाए गए कानून का इस्तेमाल करते हुए टैरिफ लगाए, जो कि इस तरह के दायरे में उन्हें अनुमति नहीं देता।

अदालत के इस 6-3 फैसले के अमेरिकी अर्थव्यवस्था, उपभोक्ताओं और ट्रंप की व्यापार नीति पर गहरे और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट में हार की स्थिति में सरकार को अन्य देशों के साथ किए गए व्यापार समझौतों को संशोधित करना पड़ सकता है और आयातकों को भारी रिफंड देना पड़ सकता है।

राष्ट्रपति नहीं, कांग्रेस को है टैरिफ लगाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट


ट्रंप ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने 1970 के दशक के एक आपातकालीन कानून का हवाला देकर, जिसमें ‘टैरिफ’ शब्द का उल्लेख नहीं है, बिना कांग्रेस की मंजूरी के टैरिफ लगाने का दावा किया। बहुमत की ओर से फैसला लिखते हुए मुख्य न्यायाधीश जॉन जी. रॉबर्ट्स जूनियर ने कहा कि यह कानून राष्ट्रपति को एकतरफा टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता।

मुख्य न्यायाधीश ने लिखा, “राष्ट्रपति असीमित मात्रा, अवधि और दायरे में एकतरफा टैरिफ लगाने का दावा कर सकते हैं। लेकिन इस दावे की संवैधानिक सीमा और इतिहास को देखते हुए, उन्हें इसका प्रयोग करने के लिए कांग्रेस की स्पष्ट अनुमति दिखानी होगी।”

जस्टिस क्लैरेंस थॉमस, सैमुअल ए. एलिटो जूनियर और ब्रेट एम. कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई।

ट्रंप ने 100 से अधिक देशों पर लगाए टैरिफ

पिछले साल की शुरुआत में, ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का इस्तेमाल करते हुए 100 से अधिक देशों से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ लगाए। उनका दावा था कि इसका उद्देश्य अमेरिका का व्यापार घाटा कम करना और देश में विनिर्माण को बढ़ावा देना है। हालांकि, इसके बाद से इन टैरिफ का इस्तेमाल अमेरिकी राजस्व बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में दबाव बनाने के लिए किया गया।

ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट में कौन खड़ा हुआ और मामला क्या रहा?


डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के खिलाफ एक दर्जन अमेरिकी राज्यों और छोटे व्यवसायों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया। इन व्यवसायों में शैक्षिक खिलौने बनाने वाली कंपनियां और वाइन आयातक शामिल थे। उनका दावा था कि राष्ट्रपति ने संविधान के तहत कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में दखल देकर अवैध रूप से टैरिफ लगाए। इन आयातित वस्तुओं पर निर्भर व्यवसायों ने अदालत में बताया कि टैरिफ के कारण उनके व्यापार पर गंभीर असर पड़ा, उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ीं और कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ी।

राष्ट्रपति और सलाहकारों की प्रतिक्रिया

अदालत में दाखिल दस्तावेज़ और सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप और उनके सलाहकारों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपनी व्यापार और विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण बताया। सॉलिसिटर जनरल ने चेतावनी दी कि अगर आपातकालीन शक्तियां समाप्त हो जाती हैं तो अर्थव्यवस्था को महामंदी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही व्यापार वार्ताओं और कूटनीति में भी परेशानी आ सकती है।

ट्रंप की कानूनी दलीलें

अदालत की कानूनी लड़ाई के दौरान, ट्रंप प्रशासन ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के अन्य विकल्प तलाशने शुरू कर दिए थे। प्रशासन ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमान्य ठहराए गए आपातकालीन टैरिफ की जगह आवश्यकता पड़ी, तो नए शुल्क लगाए जाएंगे। राष्ट्रपति पहले ही अन्य कानूनों के तहत कुछ विशेष वस्तुओं और उद्योगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ लगा चुके थे, हालांकि ये कानून आपातकालीन कानून की तुलना में अधिक सीमित और कम लचीले हैं।

शुरुआती टैरिफ: चीन, कनाडा और मैक्सिको

ट्रंप ने शुरुआत में चीन, कनाडा और मैक्सिको से आयात होने वाले सामान पर टैरिफ लगाए। उनका दावा था कि ये शुल्क इन देशों द्वारा फेंटानिल की तस्करी रोकने में विफल रहने की सजा के रूप में लगाए गए। बाद में, अप्रैल में उन्होंने लगभग सभी व्यापारिक साझेदारों से आयात होने वाले सामान पर भी शुल्क बढ़ा दिए, यह कहते हुए कि यह कदम अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने के लिए आवश्यक है।

1970 के दशक के इस कानून के तहत, राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपात स्थिति में 'किसी भी असामान्य और असाधारण खतरे' से निपटने का अधिकार है, जो 'अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या अर्थव्यवस्था' के लिए खतरा हो। इसमें विदेशी संपत्ति के 'आयात' को 'नियंत्रित' करने की शक्ति शामिल है। पूर्व राष्ट्रपति इस भाषा का इस्तेमाल अक्सर प्रतिबंध या नाकेबंदी के लिए करते रहे, लेकिन टैरिफ लगाने के लिए यह पहले प्रयोग में नहीं आया। प्रशासन का तर्क है कि यही शब्दावली ट्रंप को टैरिफ लगाने का अधिकार देती है।

निचली अदालत का फैसला

प्रभावित व्यवसायों ने अदालत में तर्क दिया कि 'नियंत्रित करना' शब्द का अर्थ टैरिफ लगाना नहीं हो सकता। कानून में 'टैरिफ' या 'टैक्स' शब्द शामिल नहीं हैं। नवंबर में मौखिक सुनवाई के दौरान, कई जजों ने ट्रंप प्रशासन के वकील से पूछा कि क्या कांग्रेस ने सच में राष्ट्रपति को इतने व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया।

तीन निचली अदालतों ने टैरिफ को अवैध ठहराया। अगस्त में फेडरल सर्किट अपील अदालत ने 7-4 के फैसले में कहा कि आपातकालीन कानून व्यापक टैरिफ की अनुमति नहीं देता। हालांकि अदालत ने यह तय नहीं किया कि क्या कानून राष्ट्रपति को सीमित शुल्क लगाने की अनुमति दे सकता है। बहुमत ने स्पष्ट कहा, “जब भी कांग्रेस राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार देना चाहती है, वह इसे स्पष्ट रूप से करती है।”

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

दो साल बाद भारत में पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आएंगी शेख हसीना, वापसी की रणनीति पर करेंगी बड़ा खुलासा
दो साल बाद भारत में पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आएंगी शेख हसीना, वापसी की रणनीति पर करेंगी बड़ा खुलासा
घातक हिमस्खलन के तीन दिन बाद पीओके की चोटी पर मिला पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव
घातक हिमस्खलन के तीन दिन बाद पीओके की चोटी पर मिला पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव
घुटने की चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, टीम इंडिया को बड़ा झटका
घुटने की चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह, टीम इंडिया को बड़ा झटका
दिल्ली में सांसद पप्पू यादव पर जूता फेंका, चाकू से हमले की साजिश का लगाया आरोप
दिल्ली में सांसद पप्पू यादव पर जूता फेंका, चाकू से हमले की साजिश का लगाया आरोप
स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे का तूफान, 3 दिन, 176 करोड़, शाहरुख, सलमान की बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे
स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे का तूफान, 3 दिन, 176 करोड़, शाहरुख, सलमान की बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे
पंजाब कांग्रेस में गहराई गुटबाजी, निलंबित पूर्व विधायक से मिले चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वारिंग पर बढ़ा दबाव
पंजाब कांग्रेस में गहराई गुटबाजी, निलंबित पूर्व विधायक से मिले चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वारिंग पर बढ़ा दबाव
रामायण पर बढ़ा विवाद, श्री रामलीला महासंघ की मांग, रिलीज से पहले दिखाई जाए फिल्म
रामायण पर बढ़ा विवाद, श्री रामलीला महासंघ की मांग, रिलीज से पहले दिखाई जाए फिल्म
सावन में बाल और नाखून काटना कितना सही या गलत, जानिए धार्मिक नियम और इसके विभिन्न प्रभाव
सावन में बाल और नाखून काटना कितना सही या गलत, जानिए धार्मिक नियम और इसके विभिन्न प्रभाव
विश्व कप 2027: भुवनेश्वर कुमार की वापसी की उठी मांग, पूर्व दिग्गज बोले- चयनकर्ताओं को करनी चाहिए बात
विश्व कप 2027: भुवनेश्वर कुमार की वापसी की उठी मांग, पूर्व दिग्गज बोले- चयनकर्ताओं को करनी चाहिए बात
वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा भरोसा, ईस्ट जोन चयनकर्ताओं ने कहा- भविष्य में बन सकते हैं टीम इंडिया के कप्तान
वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा भरोसा, ईस्ट जोन चयनकर्ताओं ने कहा- भविष्य में बन सकते हैं टीम इंडिया के कप्तान
घायल को जब नहीं मिला कोई निर्माता, तब धर्मेंद्र बने बेटे सनी देओल की सबसे बड़ी ताकत
घायल को जब नहीं मिला कोई निर्माता, तब धर्मेंद्र बने बेटे सनी देओल की सबसे बड़ी ताकत
भारत का गलत नक्शा देख भड़कीं लवलीना बोरगोहेन, उत्तर-पूर्व गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
भारत का गलत नक्शा देख भड़कीं लवलीना बोरगोहेन, उत्तर-पूर्व गायब होने पर जताई कड़ी नाराजगी
असम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रणदीप हुड्डा, राहत कार्य में निभाई सक्रिय भूमिका
असम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे रणदीप हुड्डा, राहत कार्य में निभाई सक्रिय भूमिका
पेरू में पर्यटकों से भरा विमान दुर्घटनाग्रस्त, 13 लोगों की मौत; रहस्यमयी नाज़्का रेखाएं देखने जा रहे थे यात्री
पेरू में पर्यटकों से भरा विमान दुर्घटनाग्रस्त, 13 लोगों की मौत; रहस्यमयी नाज़्का रेखाएं देखने जा रहे थे यात्री