
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में एक बड़ी और हैरान कर देने वाली चूक सामने आई है। वाकया उस वक्त हुआ जब न्यू जर्सी के बेडमिंस्टर स्थित ट्रंप के निजी गोल्फ क्लब के ऊपर से एक अज्ञात नागरिक विमान उड़ता हुआ दिखाई दिया। इस क्षेत्र को राष्ट्रपति की मौजूदगी की वजह से अस्थायी नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया था, और फिर भी यह गंभीर उल्लंघन सामने आया। ऐसे संवेदनशील समय में इस तरह की लापरवाही ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया।
तत्काल एक्शन लेते हुए अमेरिकी वायु रक्षा एजेंसी नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने F-16 फाइटर जेट को अलर्ट मोड में भेजा। F-16 ने इंटरसेप्ट करते हुए 'हेडबट' रणनीति का इस्तेमाल किया, जिसमें वह नागरिक विमान के ठीक सामने आकर उड़ान भरता है ताकि उसकी ओर ध्यान खींचा जा सके। इसके बाद उस विमान को सुरक्षित रूप से प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बाहर निकाल दिया गया।
गौर करने वाली बात यह है कि यह घटना शनिवार को दिनभर की पांचवीं घुसपैठ थी, जिससे NORAD की चिंताएं और भी बढ़ गई हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल छुट्टियां बिताने के लिए न्यू जर्सी में हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए आसमान में भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से न तो ट्रंप की सुरक्षा पर कोई असर पड़ा और न ही उनके कार्यक्रम में किसी प्रकार का व्यवधान हुआ।
यह कोई पहली घटना नहीं है—मार्च में भी फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के निवास मार-ए-लागो के ऊपर नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन किया गया था। तब भी F-16 विमानों को अलर्ट पर भेजा गया था और फ्लेयर छोड़कर नागरिक विमान को चेतावनी दी गई थी।
NORAD ने लगातार हो रही इन घटनाओं को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। कमांडर जनरल ग्रेगरी गिलॉट ने पायलटों से अपील की है कि वे हर उड़ान से पहले NOTAMs (Notice to Airmen) और TFR (Temporary Flight Restriction) की जानकारी अच्छे से लें।
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी में कोई भी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। TFR नियमों का पालन न केवल आवश्यक, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।"
गौरतलब है कि जनवरी 2025 से अब तक इस तरह की कई घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें नागरिक विमानों ने अनजाने में नो-फ्लाई जोन में प्रवेश कर लिया। ज्यादातर मामलों में पायलटों को समय रहते जरूरी सूचना नहीं मिल पाई, जिसकी वजह से ऐसे हालात पैदा हुए।
गर्मी की छुट्टियां, स्वतंत्रता दिवस और निजी विमानों की बढ़ी हलचल ने हवाई सुरक्षा को लेकर और सतर्कता बरतने की जरूरत को रेखांकित कर दिया है।














