
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की हत्या की कोशिश से जुड़े मामले में आरोपी को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति पर अब हथियार उठाने का आरोप है, वह कभी वीडियो गेम खेलने और उसे ऑनलाइन साझा करने में व्यस्त रहता था। बताया जा रहा है कि आरोपी यूट्यूब पर गेमिंग वीडियो अपलोड करता था, लेकिन समय के साथ उसकी सोच में बड़ा बदलाव आया और वह राजनीतिक रूप से उग्र होता चला गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी के सोशल मीडिया व्यवहार ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। खासतौर पर उसके पुराने पोस्ट यह संकेत देते हैं कि वह धीरे-धीरे एक सामान्य ऑनलाइन गेमर से राजनीतिक रूप से आक्रामक व्यक्ति में बदल गया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उसने राष्ट्रपति की तुलना Adolf Hitler से की थी और सरकार के खिलाफ कड़े विचार साझा किए थे।
इस मामले में 31 वर्षीय कोल टोमस एलन को मुख्य आरोपी बताया गया है, जिसे 27 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसियां उसके डिजिटल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाल रही हैं, ताकि उसके इरादों और मानसिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
सोशल मीडिया गतिविधियों में दिखा बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती दौर में कोल टोमस एलन के सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह गेमिंग से जुड़े होते थे। वह लोगों को अपने यूट्यूब चैनल पर आमंत्रित करता था, जहां वह लोकप्रिय गेम्स खेलते हुए वीडियो साझा करता था। खासकर Super Smash Bros. जैसे गेम्स के छोटे-छोटे क्लिप्स वह पोस्ट करता था, जो कुछ दर्शकों के बीच लोकप्रिय भी थे।
हालांकि, समय के साथ उसके पोस्ट का स्वर बदलता गया। 2024 तक आते-आते उसके अकाउंट पर राजनीतिक सामग्री की भरमार हो गई। उसने कई ऐसे पोस्ट शेयर और रीट्वीट किए, जिनमें ट्रंप की तीखी आलोचना की गई थी। कुछ पोस्ट में तो चुनावी नतीजों को चुनौती देने और साजिश जैसी बातों का भी जिक्र था।
हमले के बाद भी विवादित पोस्ट जारी रहे
पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर हुए हमले के बाद भी आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियां चर्चा में रहीं। उस घटना में गोली ट्रंप के कान को छूकर निकल गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे सामने आए। एलन ने ऐसे पोस्ट भी साझा किए, जिनमें बिना किसी ठोस सबूत के इस हमले को ‘नकली’ बताया गया था और इसे साजिश करार दिया गया था।
एक पोस्ट में यह तक कहा गया था कि ट्रंप खुद पर हमला कराकर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं, और आरोपी ने ऐसे दावों को आगे बढ़ाते हुए उन्हें रीट्वीट किया।
नए प्लेटफॉर्म पर भी जारी रही सरकार विरोधी बयानबाजी
जांच में यह भी सामने आया है कि फरवरी 2025 में आरोपी ने एक नए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रियता बढ़ाई। यहां भी उसके पोस्ट का स्वर सरकार विरोधी ही रहा। वह लगातार ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना करता था और यह भी जताता था कि प्रभावशाली लोग राष्ट्रपति के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऑनलाइन गतिविधियां और विचारधारा किस तरह किसी व्यक्ति की सोच को प्रभावित कर सकती हैं। जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी के इस बदलाव के पीछे कौन से कारण रहे और क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इसमें कोई भूमिका निभाई।














