
नववर्ष के मौके पर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से हिंसा की एक गंभीर खबर सामने आई है। सिबी जिले के चेनाक चौक के पास गुरुवार शाम हुए ग्रेनेड हमले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। इस विस्फोट में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सिबी के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक में होने के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला शाम करीब 7:05 बजे अंजाम दिया गया। सिबी में तैनात स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) गुलाम अली अब्रो ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने चेनाक चौक के पास ग्रेनेड फेंका, जिससे आसपास मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने एसएचओ के हवाले से बताया कि हमले में कुल छह लोग घायल हुए थे।
अस्पताल में एक घायल ने तोड़ा दम, जांच तेज
ANI की खबर के अनुसार, एसएचओ गुलाम अली अब्रो ने आगे जानकारी दी कि सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनमें से एक व्यक्ति ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस बीच, सिबी रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) बरकत खोसा ने बताया कि घायलों को टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मृतक का शव कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
डीआईजी खोसा के अनुसार, घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हुई हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
हालिया महीनों में बढ़ी हैं ऐसी घटनाएं
डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली घटना नहीं है। बीते महीने भी बलूचिस्तान के खुजदार जिले के वध इलाके में एक घर के भीतर ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। उस हादसे में आठ साल के एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो महिलाओं समेत परिवार के पांच अन्य सदस्य घायल हो गए थे।
पुलिस के अनुसार, सिंध के काशमोर जिले से आए दो परिवार उस घर में रह रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने घर के आंगन में हथगोला फेंक दिया। विस्फोट इतना जोरदार था कि बच्चे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा बनी चिंता का विषय
फिलहाल, सिबी समेत आसपास के इलाकों में पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है और जांच जारी है। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब बलूचिस्तान में आतंकी और हिंसक घटनाओं में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक हिंसक साबित हुआ।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के दौरान हिंसक घटनाओं में करीब 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।














