
ज़रा सोचिए, अगर आपको कोई बताए कि अब बच्चे के जन्म के लिए महिला को 9-10 महीने की गर्भावस्था झेलनी ही नहीं पड़ेगी, बल्कि यह जिम्मेदारी एक खास रोबोट संभालेगा! सुनने में यह विज्ञान-फंतासी फिल्म जैसा लगेगा, लेकिन चीन में यह हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है।
चीन के मशहूर वैज्ञानिक और रोबोटिक्स कंपनी के सीईओ झांग किफेंग ने दावा किया है कि उनकी टीम दुनिया का पहला ऐसा “प्रेग्नेंसी रोबोट” बनाने के बेहद करीब है, जो दिखने में बिल्कुल इंसान जैसा होगा और महिला की तरह गर्भधारण करके बच्चे को जन्म दे सकेगा। इस हैरतअंगेज़ खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है।
कृत्रिम गर्भाशय से होगा बच्चे का विकास
जानकारी के मुताबिक, इस रोबोट के भीतर एक आर्टिफिशियल यूट्रस (कृत्रिम गर्भाशय) लगाया गया है। इसमें भ्रूण को स्थापित किया जाएगा और उसे एक विशेष नली के जरिए पोषण पहुंचाया जाएगा। साथ ही, भ्रूण को एमनियोटिक फ्लूड नामक तरल में रखा जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे मानव गर्भ में शिशु पलता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रोबोट पूरे 9-10 महीने तक भ्रूण को सुरक्षित रख सकता है और समय पूरा होने पर बच्चे को जन्म भी दे सकता है। कंपनी ने इसकी संभावित कीमत भी सामने रखी है—लगभग 1,00,000 युआन (करीब 14,000 डॉलर)।
सोशल मीडिया पर उठा सवाल-जवाब का तूफ़ान
जैसे ही इस खबर ने इंटरनेट पर जगह बनाई, लोगों की राय बंट गई।
कुछ यूज़र्स का कहना है कि यह तकनीक उन दंपतियों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो प्राकृतिक रूप से संतान सुख नहीं पा रहे।
वहीं कुछ का मानना है कि यह महिलाओं को गर्भावस्था की शारीरिक और मानसिक जटिलताओं से छुटकारा दिलाने में मददगार होगी।
लेकिन दूसरी ओर कई लोग इसे प्रकृति के नियमों के खिलाफ और अमानवीय बता रहे हैं। उनका तर्क है कि बच्चे को उसकी मां से अलग कर देना संवेदनहीनता है और इससे इंसानियत की जड़ें हिल सकती हैं।
भविष्य की ओर एक बड़ा कदम या नैतिक संकट?
फिलहाल, यह प्रेग्नेंसी रोबोट पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। लेकिन जिस तेज़ी से इस तकनीक पर काम हो रहा है, आने वाले समय में यह मानव जीवन को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
कह सकते हैं कि यह खोज इंसान को नई संभावनाओं का तोहफ़ा दे सकती है, लेकिन साथ ही समाज और नैतिक मूल्यों के लिए बड़ी चुनौती भी खड़ी कर सकती है।














