
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ममता बनर्जी की सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने टीएमसी के 15 साल के शासन को अराजकता और अव्यवस्था से भरा दौर बताते हुए जनता के मुद्दों पर आधारित चार्जशीट पेश की।
शाह ने साफ शब्दों में कहा कि यदि 6 मई के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा हालात को बदलने के लिए जनता अब तैयार है।
घुसपैठ के मुद्दे पर सीधी चुनौती
अमित शाह ने अपने बयान में ममता बनर्जी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा, “ममता जी, जितना कहना है कह लें, लेकिन हम एक-एक घुसपैठिए की पहचान करेंगे। उन्हें न केवल मतदाता सूची से हटाया जाएगा, बल्कि देश से बाहर भेजने की भी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस संदर्भ में उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार बनने के बाद इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा वादा
गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल फिलहाल ऐसा प्रमुख रास्ता बन गया है, जहां से अवैध घुसपैठ जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो 45 दिनों के भीतर सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
‘भय से मुक्ति’ बनाम ‘भरोसे की राजनीति’
अमित शाह ने आगामी चुनाव को जनता के लिए एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि यह चुनाव डर और भरोसे के बीच चयन का अवसर है। उन्होंने लोगों के सामने दो विकल्प रखते हुए कहा—
भय से मुक्ति: जीवन की सुरक्षा, संपत्ति की रक्षा, रोजगार की स्थिरता और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
भरोसे की गारंटी: शांतिपूर्ण वातावरण, बेहतर जीवन स्तर, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं, पक्का आवास, मुफ्त बिजली और युवाओं के लिए बेहतर भविष्य।
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और एक स्थिर एवं सुरक्षित वातावरण की उम्मीद कर रही है।
उद्योग और विकास पर भी उठाए सवाल
अमित शाह ने आरोप लगाया कि विकास की कमी के कारण पश्चिम बंगाल में औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि ‘सोनार बांग्ला’ का वादा पूरा करने के बजाय राज्य में सिंडिकेट संस्कृति और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
उनके मुताबिक, राज्य में व्यवस्था इस तरह बन गई है कि हर स्तर पर वसूली और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जिससे आम नागरिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
युवाओं के लिए राहत की घोषणा
शिक्षक भर्ती और अन्य भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने युवाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों की उम्र सीमा भर्ती घोटालों के कारण पार हो चुकी है, उन्हें भाजपा सरकार बनने पर 5 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
साथ ही, एसएससी भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू कर प्रभावित युवाओं को नया अवसर देने और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का वादा भी किया गया।













