
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड स्थित पवित्र श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। बाबा केदार के दर्शन के लिए लंबे समय से प्रतीक्षारत भक्तों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। 22 अप्रैल को वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
इस विशेष अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे और बाबा केदार के दर्शन किए। मंदिर परिसर को इस बार बेहद भव्य रूप से सजाया गया है, जिसमें दिल्ली और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए लगभग 51 क्विंटल ताजे फूलों का उपयोग किया गया है। पूरे धाम की सजावट और दिव्यता श्रद्धालुओं को एक अलौकिक अनुभव प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए बताया था कि कपाट खुलने का यह पावन क्षण पूरी धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न होगा। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं का देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं भी दी थीं। सीएम ने कामना की थी कि बाबा केदार की कृपा से सभी यात्रियों की यात्रा सुरक्षित, सुखद और मंगलमय रहे।
#WATCH | रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। pic.twitter.com/kE39f1zxBc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
चारधाम यात्रा पर जाने से पहले इन नियमों को जरूर समझें
यदि आप इस वर्ष चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से जुड़े नियमों की जानकारी पहले से होना बेहद आवश्यक है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम के मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने साथ न लाएं।
मंदिर में प्रवेश से पहले मोबाइल फोन जमा कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है। वहीं, यमुनोत्री धाम सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला है, लेकिन अन्य धामों में गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर कुछ विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है।
बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा नहीं होगी मान्य
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्येक श्रद्धालु और वाहन को सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत होना जरूरी है।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यात्रियों को दर्शन के लिए एक स्लॉट टोकन प्रदान किया जाएगा, जिसे यात्रा मार्ग में जांच के दौरान दिखाना अनिवार्य होगा। बिना वैध टोकन के आगे की यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।
कैसे करें केदारनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन?
श्रद्धालु उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यहां अपनी आवश्यक जानकारी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
इसके अलावा, ‘Tourist Care Uttarakhand’ मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड करके भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। जो लोग वेबसाइट या ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए वॉट्सऐप सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
यात्रा पंजीकरण के लिए श्रद्धालु मोबाइल नंबर +91 8394833833 पर ‘Yatra’ लिखकर संदेश भेज सकते हैं और दिए गए निर्देशों का पालन करके अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं।
स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य, फिटनेस पर विशेष जोर
केदारनाथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि शारीरिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण यात्रा पर जाने के लिए स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है।
विशेष रूप से 55 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी है। इसके अलावा, अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग जैसी समस्याओं से ग्रस्त लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचा जा सके। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करें।













