न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

कांवड़ यात्रा से पहले हरिद्वार में सख्ती, दुकानों पर लाइसेंस और पहचान बोर्ड अनिवार्य

यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और उनकी सेहत व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा को लेकर एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। अब हर दुकान—चाहे स्थायी हो या अस्थायी—को फूड लाइसेंस और पहचान दर्शाने वाला डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Wed, 02 Jul 2025 6:32:52

कांवड़ यात्रा से पहले हरिद्वार में सख्ती, दुकानों पर लाइसेंस और पहचान बोर्ड अनिवार्य

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा 2025 की तैयारियों के तहत उत्तराखंड प्रशासन ने इस बार एक सख्त और जरूरी कदम उठाया है। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और उनकी सेहत व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा को लेकर एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। अब हर दुकान—चाहे स्थायी हो या अस्थायी—को फूड लाइसेंस और पहचान दर्शाने वाला डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

उत्तराखंड फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के आयुक्त राजेश कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार हरिद्वार में इन नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। विशेष रूप से फुटपाथों पर अस्थायी रूप से लगने वाली दुकानों पर निगरानी तेज कर दी गई है, जहां पर हर साल बड़ी संख्या में कांवड़िये भोजन करते हैं।

सुरक्षित भोजन के लिए नई पहल

खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि दुकान पर लगे डिस्प्ले बोर्ड से दुकानदार की पहचान स्पष्ट होगी, जिससे यदि कोई मिलावटी या दूषित भोजन परोसा जाए तो उसकी जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। साथ ही इससे यात्रियों में भी विश्वास बढ़ेगा कि उन्हें जो खाना मिल रहा है वह अधिकृत और जांचा-परखा हुआ है।

कांवड़ियों ने किया फैसले का स्वागत

कांवड़ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं ने इस फैसले को सराहा है। उन्होंने कहा कि पहले होटल या स्टॉल वाले अपनी असली पहचान छुपाकर कार्य करते थे और कई बार बीमार करने वाला खाना परोसते थे। लेकिन अब फूड लाइसेंस और डिस्प्ले बोर्ड से यह स्पष्ट होगा कि खाना कहां से आ रहा है और वह सुरक्षित है या नहीं। इससे न केवल स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पूरी यात्रा की व्यवस्था पर श्रद्धालुओं का भरोसा भी बढ़ेगा।

कड़ी निगरानी और टीमें सक्रिय

हरिद्वार के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि “खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सभी विक्रेताओं को लाइसेंस लेना अनिवार्य है। अब कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है, इसलिए आयुक्त स्तर से मिले निर्देशों के अनुरूप पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है। हमारी कोशिश है कि कांवड़ियों को साफ-सुथरा और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले।”

उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए कई निगरानी टीमें गठित की गई हैं, जो नियमित रूप से दुकानों पर जाकर जांच करेंगी। यदि कहीं कोई गड़बड़ी या संदिग्ध खाद्य सामग्री पाई जाती है तो मौके पर ही सैंपल लेकर उसकी प्रयोगशाला जांच करवाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का भी होगा रजिस्ट्रेशन

संजय कुमार सिंह ने यह भी कहा कि इस बार प्रयास किया जा रहा है कि जो स्ट्रीट फूड विक्रेता हर साल अस्थायी रूप से अपनी दुकानें लगाते हैं, उनका भी फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन हो। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि अधिकतम दुकानदार फूड सेफ्टी नेटवर्क में शामिल हो सकें।

कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, और ऐसे में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और विक्रेताओं की पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उत्तराखंड प्रशासन का यह कदम न केवल श्रद्धालुओं की सेहत की रक्षा करेगा, बल्कि अस्थायी दुकानदारों को भी जिम्मेदारी से कार्य करने की दिशा में प्रेरित करेगा। यह व्यवस्था यदि पूरी तरह लागू होती है, तो यह पूरे देश के धार्मिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा का नया मानक स्थापित कर सकती है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
ओवैसी ने सपा-कांग्रेस को दिया गठबंधन का ऑफर, बोले- योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार CM बनते नहीं देखना चाहते
ओवैसी ने सपा-कांग्रेस को दिया गठबंधन का ऑफर, बोले- योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार CM बनते नहीं देखना चाहते
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?