
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में SIR प्रक्रिया के बीच एक बड़ी दर्दनाक घटना सामने आई है। ब्लॉक भगतपुर के जाहीदपुर सीकमपुर ग्राम पंचायत में तैनात BLO सर्वेश सिंह ने शनिवार (29 नवंबर) की रात फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट ने पूरे शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सर्वेश बूथ संख्या 406 के प्रभार में थे और कम्पोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के साथ-साथ पुलिस अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और कई शिक्षक मौके पर पहुंच गए। सर्वेश के परिजनों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी उचित प्रशिक्षण के BLO जैसी जिम्मेदार ड्यूटी दे दी गई थी। लगातार बढ़ रहे काम और लक्ष्यों को पूरा न कर पाने के तनाव ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया। वहीं अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जा रहा था।
घटना कैसे घटी?
भोजपुर थाना क्षेत्र के बहेड़ी बेमनाथ गांव के निवासी सर्वेश सिंह कुछ समय से कम्पोजिट विद्यालय भगतपुर में सहायक अध्यापक के रूप में कार्य कर रहे थे। मरने से पहले उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित एक पत्र में अपनी चार बेटियों की जिम्मेदारी उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा कि उनकी कमाई का पूरा पैसा उनकी पत्नी और बेटियों को दिया जाए। सुसाइड नोट में वे टूटे मन से लिखते हैं कि वे जीना चाहते थे, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव और मानसिक घुटन को अब और सहन नहीं कर पा रहे थे।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
सर्वेश की पत्नी बबली के अनुसार, उनके पति को BLO ड्यूटी से पहले कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। वे कई फॉर्म और दस्तावेज ठीक से नहीं संभाल पाए, जिसके बाद उन पर लगातार काम का बोझ और लक्ष्य पूरा करने का दबाव बढ़ता चला गया। उसी तनाव और भय ने आखिरकार उन्हें यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
प्रशासन ने दबाव के आरोप किए खारिज
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सर्वेश सिंह ने लगभग 65% कार्य पूरा कर लिया था। अभी तक जिले के किसी भी BLO को किसी तरह का नोटिस जारी नहीं किया गया है, इसलिए प्रशासनिक दबाव के दावे सही नहीं लगते। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट बरामद कर लिया गया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।














