
रायबरेली से लखनऊ की ओर जा रही रोडवेज बस में शुक्रवार सुबह ऐसा हादसा हुआ, जिसने यात्रियों की सांसें रोक दीं। बछरावां थाना क्षेत्र के कुंदनगंज के पास अचानक बस का पिछला बायां पहिया निकलकर सड़क किनारे दूर लुढ़क गया। पहिया छूटने के बाद वाहन करीब 20 मीटर तक घिसटता हुआ आगे बढ़ता रहा और चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह बस को नियंत्रित कर रोक लिया। अचानक हुए इस वाकये से बस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुबह 9:30 बजे जैसे ही बस कुंदनगंज के करीब पहुंची, यात्रियों ने जोरदार झटका महसूस किया। झटके के साथ ही वाहन एक ओर भारी झुकाव लेने लगा। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत ब्रेक लगाया, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान छूटा हुआ पहिया तेज रफ्तार में सड़क किनारे तक गया और करीब 20 मीटर घिसटने के बाद ही रुक पाया। अचानक रुकावट के कारण बस के अंदर बैठे कई यात्री सीटों से टकरा गए और चीख-पुकार मच गई। लगभग 16 लोगों को हल्की चोटें आईं।
हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर जुटे और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता की। घायल यात्रियों को पास के अस्पताल में प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया, जहां उपचार के बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। सौभाग्य से किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। यात्रियों ने परिवहन निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बसों की फिटनेस जांच सिर्फ कागजों में पूरी दिखा दी जाती है। यदि नियमित निरीक्षण सही ढंग से किया जाता, तो इस तरह की घटना की संभावना कम होती।
स्थानीय निवासी दीपक पटेल, रजित चौधरी और धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि बस के पिछले हिस्से से तेज आवाज आने के कुछ ही क्षण बाद पहिया अलग होकर दूर जा गिरा। अचानक हुए झटकों की वजह से कई यात्री चोटिल हुए।
दूसरी ओर परिवहन निगम डिपो प्रशासन का कहना है कि हर बस को रूट पर भेजने से पहले मेकेनिक द्वारा जांच अनिवार्य रूप से की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एक जांच समिति गठित कर दी गई है, जो तकनीकी खराबी या मेंटेनेंस की किसी चूक की जांच करेगी। क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बस के पिछले हिस्से में एक साथ लगे दोनों पहिये खुल गए थे, जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।














